राजीव गांधी फाउंडेशन को मिले कोष पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। यह अंतर मंत्रालय समिति फाउंडेशन को मिले धन और उनके स्रोतों के बारे में पता लगाएगी।
ऐसे आरोप हैं कि फाउंडेशन ने नियमों का उल्लंघन करते हुए फंड हासिल किया था। इस समिति की अगुवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष निदेशक करेंगे। राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट को मिले फंड की जांच भी यह समिति करेगी।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा किए गए ट्वीट में भी इसकी जानकारी दी गई है। यह समिति पीएमएलए, आयकर अधिनियम, एफसीआरए आदि के विभिन्न कानूनी प्रावधानों के नियमों के उल्लंघन की जांच करेगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भारत-चीन सीमा विवाद के बीच कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू किया। इस दौरान भाजपा ने कांग्रेस को भी उसके जाल में फंसा लिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से फंडिंग मिलती थी।
इसके अलावा यूपीए सरकार के समय प्रधानमंत्री राहत कोष का पैसा भी राजीव गांधी फाउंडेशन में जमा किया गया। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। देश की सबसे पुरानी पार्टी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन देश का फाउंडेशन है और इसका काम सेवा के लिए किया जाता है।