राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर ने आधुनिक भारतीय मेड-टेक स्टार्ट-अप एसएस इनोवेशंस द्वारा निर्मित अपनी तरह के पहले 'मेड-इन-इंडिया सर्जिकल रोबोट सिस्टम, एसएसआई मंत्रा को गुरुवार को इंस्टॉल किया है। स्वदेशी एसएसआई मंत्रा का यह डिज़ाइन विश्व विख्यात रोबोटिक कार्डियक सर्जन डॉ सुधीर पी श्रीवास्तव ने दिया है। जो भारत में सर्जिकल प्रक्रियाओं के नए दौर की शुरुआत करेगा, जिसके चलते देश के लोगों के लिए रोबोटिक सर्जरी सुलभ और किफ़ायती हो जाएगी। दो पायलट परियोजनाओं के तहत डॉ सुधीर रावल और आरजीसीआई से उनकी टीम ने एसएसआई मंत्रा की मदद से सफलतापूर्वक 26 ऑपरेशनों को अंजाम दिया, जिसके द्वारा इन रोबोट्स की सुरक्षा, व्यवहारिकता और प्रभाविता की पुष्टि हुई। अब ये रोबोट सर्जरी के आधुनिक तरीके को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार हैं। अब आम जनता बेहद किफ़ायती दरों पर इस आधुनिक सर्जरी का लाभ उठा सकेगी।
यह आधुनिक एसएसआई मंत्रा, दुनिया भर के अग्रणी सर्जिकल सिस्टम की तुलना में मॉड्यूलर और बहुमुखी मशीन है। एक चीज इसे और भी खास बनाती है कि इसे सिर्फ पांच सालों के अंदर तैयार किया गया है, इस काम को और भी जल्दी किया जा सकता था, अगर महामारी के चलते देरी नहीं होती। एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम, आधुनिक तकनीकी फीचर्स से लैस एक मॉड्युलर मल्टी-आर्म सिस्टम है। इसमें रोबोटिक आर्म्स का उपयोग किया जाता है, साथ ही इसमें ओपन-फेस अर्गोनोमिक सर्जन कमांड सेंटर, 32 इंच का बड़ा 3डी एचडी मॉनिटर, 23 इंच का 2डी टच पैनल होता है, जिस पर मरीज से जुड़ी सभी जानकारी डिस्प्ले होती है। साथ ही एक वर्चुअल रियल टाईम इमेज और होलोग्राफिक डाईकोम इमेज के सुपर इंपोजिशन की क्षमता भी होती है। विजन कार्ट टीम को 3 डी एचडी व्यू देता है, जिससे सर्जन सर्जरी के दौरान बेहतर सुरक्षा और दक्षता को सुनिश्चित कर सकता है। मॉड्युलर रोबोटिक आर्म के द्वारा आवश्यकतानुसार आर्म्स का उपयोग किया जा सकता है। इससे सर्जिकल ऑपरेशंस में किसी तरह के टकराव की संभावना नहीं रहती। इसमें 30 विभिन्न प्रकार के रोबोटिक एंडो सर्जिकल उपकरण होते हैं, जिनका उपयोग कार्डियक सर्जरी सहित विभिन्न प्रकार की सर्जरियों में किया जा सकता है। इसके बेहतरीन डिज़ाइन एवं अनुकूल फीचर्स के चलते लर्निंग कर्व छोटा होता है।