अभिनेता रजनीकांत की राजनीतिक दल का गठन कर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा के बावजूद भाजपा उनसे नाउम्मीद नहीं हुई है। पार्टी फिलहाल रजनीकांत को संभवत: फरवरी में होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अपने समर्थन में प्रचार करने के लिए राजी करने की कोशिश में जुटी है।
राजनीति में आने के एलान के दौरान आध्यात्मिक राजनीति की रजनी की घोषणा को पार्टी खुद के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देख रही है। अगर रजनीकांत ने कर्नाटक चुनाव में प्रचार करने पर हामी भरी तो लगातार बदल रही तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव हो सकता है।
रजनीकांत ने अलग पार्टी बना कर सियासी पारी खेलने की घोषणा तो कर दी है, मगर उन्होंने अब तक पार्टी का गठन नहीं किया है। तमिलनाडु में दशकों से पैर जमाने की कोशिश कर रही भाजपा कई बार उन्हें पार्टी में शामिल होने का न्योता दे चुकी है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक फिलहाल पार्टी में रजनीकांत का अध्याय बंद नहीं हुआ है। पार्टी की कोशिश उनसे कर्नाटक चुनाव में अपने पक्ष में प्रचार कराने की है। रजनी अगर हां कहते हैं कि इसका असर तमिलनाडु की राजनीति पर भी पड़ेगा। गौरतलब है कि रजनीकांत मराठी भाषी हैं, जिनका जन्म कर्नाटक में हुआ था।
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