वायदे के मुताबिक धन अदा नहीं करने के मामले में फिल्म सुपरस्टार रजनीकांत की पत्नी लता को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। हालांकि कर्नाटक हाईकोर्ट लता के खिलाफ इस मामले को 10 मार्च 2016 को रद्द कर दिया था।
जस्टिस रंजन गोगोई और आर भानुमति की पीठ ने मामले को रद्द करने लायक नहीं मानते हुए कहा कि वायदे के मुताबिक लता को 6.2 करोड़ रुपये एड ब्यूरो एडवर्टाइजिंस एजेंसी को लौटाने चाहिए जो एजेंसी ने उस फर्म मीडिया वन ग्लोबल इंटरटेनमेंट लिमिटेड को दिए थे जिसने वर्ष 2014 में बनी फिल्म कोचाडियान बनाई थी।
लता उस फर्म की निदेशक थीं। एजेंसी ने लता की गारंटी पर इस फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन में दस करोड़ रुपये लगाए थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को कहा था कि अगर फिल्म निर्माता कंपनी याची एड एजेंसी को तीन महीने में ली गई राशि का भुगतान नहीं करती है तो लता को भुगतान करना होगा क्योंकि उनकी गारंटी पर ही एजेंसी ने फिल्म निर्माण में पैसा लगाया था। वे फिल्म निर्माता कंपनी की निदेशक भी हैं। उन्हें दस करोड़ रुपये के साथ 1.2 करोड़ बतौर लाभांश देना चाहिए।