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स्वामी सांनद की मौत को लेकर जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने की सीबीआई जांच की मांग, सरकार पर लगाया इल्जाम

Tue, 16 Oct 2018 03:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीडी अग्रवाल
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गंगा की धारा को अविरल बहाने के लिए कानून बनाने की मांग करने वाले प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सांनद की मौत को जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने संदिग्ध करार दिया है। सिंह ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा स्वामी सांनद की हत्या हुई है। स्वामी सांनद के अनुयायियों के साथ बैठक केबाद सोमवार को नई दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में प्रेस से रुबरु हुये जल पुरुष ने कहा कि वक्त आ गया है, जब सांनद की लड़ाई को आगे लेकर जाना होगा। इसीलिये गंगा को लेकर कानून बनाने के लिए 23 अक्टूबर से राजघाट से सदभावना यात्रा का आगाज किया जाएगा।

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राजेन्द्र सिंह ने बताया कि स्वामी सानंद की मौत की कडिय़ां जोड़ी जाये तो लगता है उनकी मृत्यु संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई है। जिस वक्त उनको मातृ सदन से ले जाया जा रहा था तब तक सब कुछ सामान्य था वह खुद को लेकर जाने का प्रतिरोध कर रहे थे, लेकिन अचानक से ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद के गुरु स्वामी अभिमुक्तश्वर ने भी निष्पक्ष जांच की बात करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। यह सरकार के लिए भी न्यायोचित होगा कि उनकी इस मांग पर जल्द से जल्द विचार करें।      

उन्होंने कहा कि गंगा की अविरलता को लेकर अभी तक जितनी भी कोशिश की गई है उसका परिणाम लगभग शून्य है। इसलिए आने वाले 23 अक्टूबर से सदभावना यात्रा दिल्ली से शुरु होगी। यह यात्रा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस में एक महीने बाद पहुंचेगी जहां धर्म संसद का आह्वान किया गया है। इसके बाद इस यात्रा को गंगा सागर में समाप्त किया जायेगा।  
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जल जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने बताया कि गंगा को लेकर केंद्र सरकार ने जो वादे किए थे और उन वादों पर कितना अमल किया है। इन सभी बातों को जनता के बीच पहुंचाया जाएगा। इसके लिए पहले उन राज्यों का चयन किया गया है, जहां हाल के दिनों में चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में लोगों को बताया जाएगा कि किस तरह के केंद्र सरकार ने गंगा की सफाई के नाम पर जनता से केवल कोरे वादे किए हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही कहानी बंया कर रही है।  

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