नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) में परियोजना निदेशक के कार्यभार के अलावा राजेंद्र प्रसाद ने 7 जुलाई को एनएचएसआरसीएल में प्रबंध निदेशक का पदभार भी ग्रहण किया। प्रसाद नवंबर 2017 से एनएचएसआरसीएल के साथ परियोजना निदेशक के रूप में काम कर रहे हैं। वह मुंबई अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट यानि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के प्रभारी भी होंगे।
एनएचएसआरसीएल के परियोजना निदेशक के रूप में उन्होंने गुजरात में एमएएचएसआर (MAHSR) सेक्शन के सिविल कार्यों का नेतृत्व किया है। इसमें देश में 237 किलोमीटर लंबी वाय-डक्ट और 4 स्टेशनों को शामिल करते हुए 352 किलोमीटर लंबी लाइन वाले सबसे बड़े एकल इंफ्रास्ट्रक्चर अनुबंध का पुरस्कार शामिल है।
उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक, चक्रधरपुर (फरवरी 2015-मई 2017), समूह महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल (दिसंबर 2011- फरवरी 2015), मुख्य अभियंता, निर्माण दक्षिणी रेलवे (जून 2006-अप्रैल 2009) और रेजिडेंट इंजीनियर, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के लिए जनरल कंसल्टेंट्स (फरवरी 1999- फरवरी 2004) के रूप में भी काम किया है।
सतीश अग्निहोत्री हुए बर्खास्त
बता दें कि रेलवे ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सतीश अग्निहोत्री को 7 जुलाई को भ्रष्टाचार मामले में बर्खास्त कर दिया था। वह सरकार की प्रतिष्ठित बुलेट ट्रेन परियोजना के प्रभारी थे। उनकी जगह राजेंद्र प्रसाद को तीन महीने के लिए कार्यभार सौंपा गया है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि अग्निहोत्री के खिलाफ कई आरोप हैं, जिनमें आधिकारिक पद का दुरुपयोग और एक निजी कंपनी को अनधिकृत तरीके से धन देना शामिल है।
उन्होंने कहा कि अग्निहोत्री की सेवाओं को समाप्त करने का निर्णय 2 जून के लोकपाल अदालत के आदेश के बाद आया है, जिसमें सीबीआई को एनएचएसआरसीएल के पूर्व एमडी द्वारा रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के सीएमडी के तौर पर अपने नौ साल के कार्यकाल के दौरान एक निजी कंपनी के साथ एक सौदे के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया गया था।