इस बीच, छात्रों की शिकायत है कि कई कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी बंद होने से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ा है और कुछ अन्य लाइब्रेरी इसका फायदा उठा रही हैं। कुछ लाइब्रेरी ने अपना किराया बढ़ा दिया है, कुछ ने दोगुना तक भी कर दिया है।
लाइब्रेरी का किराया बढ़ने से छात्र नाराज
अमर उजाला से चर्चा में छात्रों का कहना है कि लाइब्रेरी का किराया बढ़ाने की शिकायत एमसीडी में कर चुके हैं। दिल्ली पुलिस से भी शिकायत हुई है और ऐसी लाइब्रेरी की वे सूची तैयार कर रहे हैं, जो एमसीडी और दिल्ली पुलिस दोनों को दी जाएगी। छात्रों का कहना है कि आंदोलन को जारी रखने के लिए 60 प्रदर्शनकारियों की टीम भी बनाई गई है। इनमें से 30 दिन में और 30 रात में घटनास्थल के आगे बैठकर प्रदर्शन करेंगे। कम से कम ये छात्र प्रदर्शन स्थल पर रहेंगे और इनके अलावा बाकी छात्र भी रोज धरना तब तक देंगे, जब तक उनकी मांगों पर सख्त कार्रवाई ना हो।
छात्रों की मांग क्या है
छात्रों की मांग है कि उन्हें लिखित आश्वासन दिया जाए। वहीं, राव स्टडी सेंटर में मारे गए तीन छात्रों के परिवारों को कम से कम एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी से लेकर ब्रोकरेज और पीजी हाउस, रेंट को लेकर रेगुलेशन लाएं, क्योंकि ओल्ड राजेंद्र नगर से लेकर मुखर्जी नगर, पटेल नगर, लक्ष्मी नगर समेत सभी ऐसी जगह, जहां कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, वहां पर मनमाने और बेतहाशा फीस/किराया पर रोक लग सके। छात्र लगातार कोचिंग सेंटर्स और लाइब्रेरी में सुरक्षा के मसले के साथ-साथ ओल्ड राजेंद्र नगर के ड्रेनेज सिस्टम, तारों के जंजाल, महंगे और मनमाने पीजी हाउस के मामले को भी उठा रहे हैं।