नेपाल की सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के ठीक पहले प्रधानमंत्री के पी ओली के इस्तीफे के बाद वहां एक बार फिर राजनीतिक संकट शुरू हो गया है। इसके बाद मधेसी गठबंधन में शामिल सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने कहा कि नई सरकार उनकी मांगों को पूरी करने की पहल करे तो यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मधेसी फ्रंट सरकार में शामिल हो सकती है।
नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने गठबंधन में शामिल दो दल मेधसीी पीपुल्स राइट्स फोरम-डेमोक्रेटिक और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के अविश्वास प्रस्ताव देने के बाद इस्तीफा दे दिया था।सरकार के गठन के लिए दलों में सहमति नहीं बनने की स्थिति में बहुमत वाली सरकार के गठन की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू होगी।
वहां के राष्ट्रपति विद्या भंडारी ने राजनीतिक दलों से संविधान के प्रावधान के अनुरूप 1 हफ्ते के अंदर आम सहमति वाली सरकार के गठन का आह्वान किया। इसके बाद संसद में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-माओइस्ट सेंटर राष्ट्रीय सहमति वाली सरकार के गठन के लिए पहल करने पर सहमत हुए।
महतो ने कहा कि सीपीएन-माओइस्ट सेंटर और नेपाली कांग्रेस नई सरकार के गठन के लिए अब तक समर्थन नहीं मांगा है। हालांकि, जब तक उन मुद्दों पर ध्यान देने की प्रतिबद्धता नहीं जताते, वह सरकार में शामिल होने पर विचार नहीं करेंगे।