अपनी सेल्फी खींचने के लिए तीन किशोरों ने राजधानी एक्सप्रेस में सवार सैंकड़ों यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। रेल ट्रैक पर पत्थर रख सेल्फी लेने लगे, चालक ने सूझबूझ को परिचय देते हुए ट्रेन को रोक लिया। चालक की सूचना पर पहुंची आरपीएफ ने तीनों को गिरफ्तार कर किशोर न्यायालय में पेश किया। वहां से इन्हें जमानत पर छोड़ दिया। इनके मोबाइल व कैमरे आरपीएफ ने अपने कब्जे में ले लिए।
घटना बुधवार सुबह करीब पांच बजे की है। पटना से नई दिल्ली जा रही 12309 राजधानी एक्सप्रेस टूंडला स्टेशन से निकली ही थी, तभी रेल चालक ने जेडएच कॉलेज के पास ट्रैक पर कुछ किशोरों की संदिग्ध गतिविधि देखी। उसने देखा कि ट्रैक पर पत्थर रखे गए थे।
चालक ने तत्काल इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष को दी और इमर्जेंसी ब्रेक लेते हुए ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन के करीब आते ही किशोरों में सेल्फी लेने की होड़ सी लग गई। नियंत्रण कक्ष ने पीछे ही आ रहीं अन्य ट्रेनों को टूंडला और उससे पहले के स्टेशनों पर रुकवा दिया और आरपीएफ को भी इसकी जानकारी दी।
आरपीएफ जवानों ने घेराबंदी कर तीनों किशोरों को हिरासत में ले लिया और पत्थर हटाकर ट्रैक को साफ कराया। करीब 20 मिनट बाद ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना हुई। तीनों किशोर आपस में रिश्तेदार हैं और वे छुट्टियों में टूंडला के सिंघी कालोनी में आए हुए हैं। इनमें एक टूंडला के सिंघी कालोनी निवासी, दूसरा आगरा के शहीद नगर और तीसरा ग्वालियर का रहने वाला है।
रेलवे ट्रैक पर रखे पत्थर, चालक की सतर्कता से टला हादसा
तीन दिन से ले रहे थे ट्रेनों के सामने खड़े हो सेल्फी
टूंडला। सेल्फी के लिए रेलट्रैक पर पत्थर रखकर राजधानी रोकने वाले तीनों किशोर पिछले तीन दिन से रेलट्रैक पर पहुंच रहे थे। दो दिनों तक उन्होंने बिना किसी बाधा के रेल लाइन पर दूर से आती ट्रेन के सामने एवं दूसरी लाइन पर आती ट्रेनों के दौरान सेल्फी ली थी। बुधवार को उन्होंने ट्रेन के सामने सेल्फी लेने की ठान ली। ट्रेन के नजदीक आने पर वह हट न पाए तो ट्रेन रुक जाए, इस मकसद से उन्होंने ट्रैक पर पत्थर रखे थे।
......तो हो सकता था बड़ा रेल हादसा
टूंडला ब्यूरो। सेल्फी के लिए इनका ये जुनून सैकड़ों यात्रियों की जान ले सकती था। हालांकि रेल अधिकारियों ने बताया कि किशोरों ने रेलट्रैक पर लाइन किनारे पड़ी गिट्टियों को ही ढेर के रूप में रख दिया था। वहां आसपास में बड़े पत्थर नहीं थे। इसके चलते रेल हादसा होने की कम संभावना थी, किंतु यह ढेर भी हादसा कर सकता था। अगर हादसा होता तो बहुत बड़ा हादसा होता, जिसमें सैंकड़ों यात्रियों की जान जा सकती थी। यही नहीं सेल्फी लेने वाले किशोर भी शायद ही बच पाते।
रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखकर सेल्फी लेने वाले तीनों किशोरों की उम्र 14-15 वर्ष है। पकड़े गये तीनों किशोरों के खिलाफ धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही तीनों किशोरों को किशोर न्यायालय फीरोजाबाद में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
-आनंद कुमार, कंपनी कमांडर, आरपीएफ, टूंडला