राहुल गांधी और सचिन पायलट(फाइल फोटो)
राजस्थान में राजनीतिक संकट लगातार गहराता ही जा रहा है। मामले को सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान लगातार सचिन पायलट से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं पायलट अपने निर्णय पर अड़े हुए हैं। अब विवाद को बढ़ता देख राहुल गांधी के दफ्तर की ओर से एक बयान जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि सचिन पायलट हमेशा से राहुल गांधी के दिल में रहते आए हैं और हमेशा बने रहेंगे।
दफ्तर ने आगे कहा कि राहुल गांधी के मन में सचिन पायलट के प्रति हमेशा से आदर और विश्वास रहा है और दोनों नेता एक दूसरे की बहुत इज्जत करते हैं। मुश्किल घड़ी में दोनों ने हमेशा से एक दूसरे का साथ दिया है।
बता दें कि राहुल गांधी की तरफ से सचिन पायलट को लेकर एक भी बयान नहीं आया है, यहां तक कि उन्होंने ट्विटर पर भी एक शब्द नहीं लिखा है।
हालांकि कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष ने सोमवार को दो बार ट्वीट किया लेकिन इनमें से एक भी ट्वीट सचिन पायलट के लिए नहीं था। पहले ट्वीट में उन्होंने मोदी सरकार को कोविड-19 पर किए जा रहे दावे को लेकर घेरा तो वहीं दूसरे ट्वीट में उन्होने भारत चीन सीमा विवाद पर सवाल किया।
आज सुबह 10 बजे फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक
वहीं कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि मौजूदा सियासी स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज सुबह 10 बजे फिर कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। हमने सचिन पायलट सहित सभी विधायकों से आने को कहा है। हम उन्हें लिखित में भी सूचना देंगे। हमने उन्हें यहां आकर स्थिति पर चर्चा करने को कहा है।
मामला बिगड़ने की यह रही वजह
राजस्थान में गहलोत सरकार को कथित रूप से अस्थिर करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा जारी नोटिस से उपमुख्यमंत्री पायलट इतने नाराज हुए कि आलाकमान से मिलने दिल्ली को रवाना हो गए। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि एसओजी का नोटिस उन्हें भी आया है और उनसे भी पूछताछ की जाएगी। जबकि पायलट खेमे का कहना था कि यह सब कुछ हमारे नेता को बदनाम करने के लिए किया गया है।