सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राजस्थान में जल जीवन मिशन योजना से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार एक कथित 'मध्यस्थ' को जमानत दी। उसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। आरोप था कि 'मध्यस्थ' ने उस समय के संबंधित विभाग के मंत्री के लिए पैसे लिए थे।
कोर्ट ने ईडी से पूछा- मंत्री को आरोपी बनाया गया या नहीं
जस्टिस बी.आर. गवाई और जस्टिस के.वी.विश्वनाथन की पीठ ने ईडी से पूछा कि क्या मंत्री को भी आरोपी बनाया गया है या नहीं। इस पर ईडी ने कहा कि जांच अभी जारी है। इसके बाद कोर्ट ने बड़ैया को यह कहते हुए जमानत दी कि मामले में पर्याप्त सबूत दस्वावेज की प्रकृति के थे और ईडी ने दस्तावेजों को जब्त कर लिया था।
50 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी
पीठ ने यह भी देखा कि मामले में आरोप तय नहीं किए गए हैं और पचास से ज्यादा गवाहों के बयान लिए जाने बाकी है। सबूत करीब 800 पन्नों के हैं।
एसीबी की शिकायत ईडी ने दर्ज किया था मामला
केंद्र सरकार जल जीवन मिशन योजना का मकसद हर घर में नल कनेक्शन से स्वच्छ पानी पहुंचाना है। राजस्थान में इस योजना का क्रियान्वयन सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा किया जा रहा था। राजस्थान के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) की शिकायत पर ईडी ने मामला दर्ज किया था।
ईडी ने की थी मामले में छापेमारी
ईडी ने जांच के सिलसिले में सार्वजनिक स्वास्थ्य्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री महेश जोशी और पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल के घरों और परिसरों सहित जयपुर और दौसा में छापेमारी की थी। जोशी राज्य में कांग्रेस की सरकार के समय मंत्री थे।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
बड़ैया ने अपने वकील विवेक जैन के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें राजस्थान हाईकोर्ट के 11 नवंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। बड़ैया को ईडी ने जुलाई में गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने ईडी से कहा- हमें दिखाएं याचिकाकर्ता की क्या भूमिका थी?
शीर्ष कोर्ट की पीठ ने पाया कि बड़ैया पर लगाए गए आरोप सह-आरोपी पीयूष जैन पर लगे आरोपों के समान थे। पीयुष जैन को सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल सितंबर में जमानत दी थी। पीठ ने पाया कि बड़ैया पर लगाए गए आरोप सह-आरोपी पीयूष जैन पर लगे आरोपों के समान थे। पीयुष जैन को सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल सितंबर में जमानत दी थी। कोर्ट ने ईडी के वकील से कहा, आप हमें दिखाएं कि याचिकाकर्ता (संजय बड़ैया) की क्या भूमिका है? पीठ ने कहा कि बड़ैया पर सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग से अनुबंध दिलाने में मदद करने और संबंधित विभाग के मंत्री के लिए पैसे लेने का आरोप था।
ईडी ने इन चार लोगों को किया था गिरफ्तार
ईडी ने श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी के मालिक महेश मित्तल, श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी के मालिक पदमचंद जैन और पीयूष जैन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने दावा किया कि बड़ैया कंपनियों से रिश्वत ले रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी अपने कर्तव्यों के पालन में प्रभावित कर रहा था।
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