राजस्थान में पार्टी के लिए सचिन पायलट ने काफी कड़ी मेहनत की है। उन्होंने न केवल खुद को क्षेत्रीय नेता की छवि से बाहर निकाला है, बल्कि वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ लहर को भी पार्टी के पक्ष में भुनाया। बताते हैं सचिन को राजस्थान में खुला मैदान देने के लिए ही राहुल गांधी ने अशोक गहलोत को गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। कांग्रेस के राजस्थान के वरिष्ठ केन्द्रीय नेताओं में भी दो पायट के पक्ष में हैं। सचिन की दावेदारी को देखते हुए साफ लग रहा है कि उन्हें खारिज कर पाना कांग्रेस हाई कमान के लिए बहुत आसान नहीं होगा।