देश में लॉकडाउन में ढील के साथ ही कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सात राज्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन सात राज्यों में देश के कुल संक्रमितों के 76 फीसदी मामले हैं। देश में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर 49.21 फीसदी है।
वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली को छोड़कर अन्य पांच राज्यों में मरीजों के ठीक होने की दर देश की दर से अधिक है। राजस्थान में रिकवरी दर सबसे अधिक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में 73.779 फीसदी की दर से कोरोना संक्रमित स्वस्थ हो रहे हैं। राज्य में बुधवार से बृहस्पतिवार तक कोरोना के 11651 मामले थे।
इनमें से 8596 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और केवल 2791 ही सक्रिय मामले हैं। मध्य प्रदेश में 68.58, गुजरात में 68.04, उत्तर प्रदेश में 60.04, तमिलनाडु 52.48, महाराष्ट्र 47.34 और दिल्ली में 37.52 फीसदी की दर से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। इन सात राज्यों में कोरोना के मामलों के हिसाब से महाराष्ट्र सबसे आगे हैं। यहां पर कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख पहुंचने वाली है जबकि तमिलनाडु दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर है। मरीजों के स्वस्थ होने के मामले में इन राज्यों में दिल्ली सबसे नीचे है।
- इंदौर में मरीजों के स्वस्थ होने की दर 67 फीसदी
मध्य प्रदेश का इंदौर जिला कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित है। जिले में पिछले 24 घंटे में 41 नए मामले मिले। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3922 हो गई है। दो नए मौतों के साथ कोरोना अब तक 163 की जान ले चुका है। हालांकि राहत बात यह है कि जिले में कोरोना से ठीक होने वाले की दर 66.75 फीसदी है जबकि मृत्यु दर 4.16 प्रतिशत है।
- आंध्र प्रदेश में 135 नए मामले
आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 135 नए मामले मिले हैं। राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4261 हो गई है। इनमें से 1641 सक्रिय मामले हैं जबकि 2540 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।