होटलों और रेस्त्रांओं को अस्थायी बार लाइसेंस देने के फैसले पर राजस्थान सरकार ने एक हफ्ते में ही यूटर्न लेते हुए इसे वापस ले लिया है। अस्थायी बार लाइसेंस देने के सरकार के फैसले की सभी तरफ से आलोचना हो रही थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि सरकार ने यह फैसला लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया।
सरकार ने पिछले हफ्ते बार लाइसेंस जारी करने के लिए बदले हुए नियमों की अधिसूचना जारी की थी। इससे तीस फुट चौड़ी सड़क पर स्थित होटलों और रेस्त्रांओं को बार खोलने के लिए अस्थायी बार लाइसेंस का रास्ता साफ कर दिया था। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों ने इसकी आलोचना की थी। उनका कहना है कि इससे शराब के सेवन को बढ़ावा मिलेगा। आधिकारिक बयान के मुताबिक लोगों के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने शुक्रवार को अधिकारियों को अधिसूचना को वापस लेने के साथ ही उन्होंने आबकारी प्रणाली को और प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए योजना बनाने के भी निर्देश दिए हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सीएम ने कहा कि लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अधिसूचना वापस ली गई है। हमें जानकारी है कि शराब की कुछ दुकानें तय समय (रात आठ बजे)के बाद भी खुली रहती हैं। सरकार इस प्रथा पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही थी। सरकार जब स्वस्थ राजस्थान की बात कर रही है तो हम कैसे नए शराब के आउटलेट खोलने की बात कर सकते हैं ।