राहुल गांधी का दावा है कि राजस्थान में कड़े मुकाबले में कांग्रेस दोबारा सरकार बना सकती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी जीत का भरोसा है। हर पांच साल में राज बदलने के रिवाज के बावजूद राहुल के दावे और गहलोत के भरोसे की वजह क्या है। इसका कुछ अंदाजा राजस्थान में लोगों से बात करके लगता है।
17 नए जिले बनाकर सुशासन को गति देने की सोच
सुशासन को गति देने के लिए राज्य में 17 नए जिले, तीन नए संभाग बांसवाड़ा, सीकर और पाली बनाए गए। प्रशासनिक व कानून व्यवस्था में सुधार के लिए हर जिले में नए पद सृजित किए गए।
पुरानी पेंशन योजना बड़ा मुद्दा
गहलोत सरकार ने एक जनवरी, 2004 और इसके पश्चात नियुक्त सभी राज्य कर्मियों के लिए पूर्व पेंशन योजना (ओपीएस) लागू कर दी है। सभी बोर्ड, निगम, स्वायत्तशासी संस्थान भी इसके दायरे में हैं। 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर, इंदिरा गांधी स्मार्ट फोन योजना के पहले चरण में चालीस लाख महिला लाभार्थियों को स्मार्टफोन एवं डाटा सिम का वितरण और अगले चरण में एक करोड़ स्मार्टफोन देने के लिए गारंटी कार्ड दिए गए हैं।
इंदिरा रसोई में आठ रुपये की थाली
गहलोत को चुनाव जीतने के लिए इंदिरा रसोई से भी बड़ी आस है। तमिलनाडु की जयललिता सरकार के समय शुरू की अम्मा रसोई की तर्ज पर राजस्थान में 999 इंदिरा रसोई शुरू की गई है जिनके जरिये 8 रुपये में भोजन की थाली दी जाती है। सरकार का दावा है कि उसने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 93 लाख 50 हजार लाभार्थियों को 39147 करोड़ रुपये की पेंशन बांटी है। मनरेगा की तर्ज पर इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के जरिये साल में 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।
नवीं से 12वीं तक भी निशुल्क शिक्षा
शिक्षा के अधिकार के तहत कक्षा एक से आठ तक निशुल्क अध्ययनरत छात्र छात्राओं को अब कक्षा नौ से 12 तक भी निशुल्क अध्ययन की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा 3,606 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में बदला जा रहा है। वर्तमान सरकार 309 नए महाविद्यालय खोले हैं, जिनमें 132 कन्या महाविद्यालय हैं। 21 नए राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय खोले गए। अक्षय ऊर्जा उत्पादन में राजस्थान देश का पहले नंबर का राज्य बन गया है।
किसानों, पशुपालकों के लिए लिए भी बहुत कुछ