बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह और उत्तर प्रदेश के देवरिया में हुए दुष्कर्म मामले के सनसनीखेज खुलासों के बाद राजस्थान का बाल अधिकार संरक्षण आयोग चेत गया है। राजस्थान में अब सभी बाल संरक्षण व आवास गृहों की जांच होगी। अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने के लिए भी कह दिया गया है।
राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बुधवार को सभी जिला कलक्टरों को आदेश जारी किए कि वे अपने-अपने बाल संरक्षण व आवास गृहों के निरीक्षण करवाकर सात दिन में जांच रिपोर्ट भेजें।
आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी के अनुसार आदेश में कहा गया है कि बाल संरक्षण व आवास गृहों की जांच अतिरिक्त जिला कलक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी स्तर के अधिकारियों से करवाएं। साथ ही, अपने जिले में कम से कम एक का स्वयं कलक्टर निरीक्षण करे।
आदेश में कहा है कि कलक्टर सभी पुलिस अधीक्षकों से बाल संरक्षण व आवास गृहों की सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए पाबंद करे। यदि सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दूर करने की व्यवस्था की जाए। यदि बाल संरक्षण व आवास गृहों में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी रिपोर्ट में दी जाए।