राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को यहां कहा कि राजस्थान आगामी लोकसभा चुनाव के बाद 2004 जैसा परिदृश्य देख सकता है जब कांग्रेस ने आठ वर्ष तक सत्ता से बाहर रहने के बाद सत्ता में वापसी की थी। ‘द हिंदू’ की ओर से आयोजित एक गोष्ठी ‘द हडल’ में पायलट ने कहा, निश्चित तौर पर कांग्रेस सत्ता में वापसी कर सकती है जैसा उसने 2004 में आठ वर्ष तक सत्ता से बाहर रहने के बाद किया था।
उन्होंने कहा, ऐसा कोई रास्ता नहीं कि भाजपा राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की करीब 100 सीटों को बरकरार रख पाएगी क्योंकि उनकी प्रदेश सरकारों और केंद्र सरकार का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। पायलट ने कहा कि भारतीय राजनीति अप्रत्याशित है क्योंकि कोई भी नहीं जानता था कि दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार एक वोट से गिर जाएगी।
उन्होंने कहा, इसी तरह से किसी ने नहीं सोचा था कि कांग्रेस वापसी करेगी और 2004 में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा, 130 करोड़ लोग पिछले चार वर्षों से देख रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं और उन्हें कोई जवाब नहीं मिल रहा। पायलट ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद, मंदिर..मस्जिद, घर वापसी और लव जेहाद की बात करती है लेकिन खाद्य पदार्थों की कीमतों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चुप है।
उन्होंने कहा, पिछले चार वर्षों में संस्थाओं का महत्व कम करने का जानबूझकर प्रयास किया गया। इसके दूरगामी परिणाम होंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रियंका गांधी का राजनीति में प्रवेश बदलाव लाने वाला होगा, पायलट ने कहा कि उनके आधिकारिक रूप से प्रभार संभालने से पहले भी भाजपा में असुरक्षा की भावना थी। उन्होंने कहा, वह केवल कांग्रेस की महासचिव हैं, कोई मुख्यमंत्री या राज्यपाल नहीं। भाजपा को दिक्कत क्यों हो रही है? इससे जो राजनीतिक अनिश्चितता हुई है उससे मुझे लगता है कि उनके डरने का एक कारण है।
उत्तर प्रदेश में गठबंधन के लिए बसपा और सपा द्वारा कांग्रेस को नजरंदाज करने पर पायलट ने कहा कि राजनीति में कुछ भी स्थिर नहीं है और पार्टी द्वारा राज्य में 2009 से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, गांधी परिवार से पिछले 35 वर्षों से कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ है और इसलिए यह कहना गलत है कि राहुल गांधी ऐसा बनने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस की उत्तर और दक्षिण भारत में समान मौजूदगी है।