महाराष्ट्र सरकार ने नासिक में कुंभ मेले से पहले 'साधु ग्राम' बनाने के लिए पेड़ काटने की योजना बनाई है। इसके खिलाफ विरोध तेज हो गया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि देवेंद्र फडणवीस की सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और इस विवाद को बढ़ने नहीं देना चाहिए।
राज ठाकरे ने सरकार पर 'अवसरवाद' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, सरकार पेड़ काटने को कुंभ मेले का बहाना बना रही है और बाद में यह जमीन अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को दे देगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार टकराव की राह अपनाती है, तो उनकी पार्टी जनता के साथ खड़ी होगी। इसी बीच अभिनेता और पेड़ बचाओ कार्यकर्ता सयाजी शिंदे आज नासिक के तपोवन इलाके में पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार पेड़ काटने पर अड़ी रही, तो वह सरकार के खिलाफ जाएंगे। सयाजी शिंदे उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़े हैं।
सयाजी शिंदे ने कहा कि पेड़ हमारे माता-पिता जैसे हैं और साधु ग्राम के लिए एक भी पेड़ नहीं कटना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधु आते-जाते रहते हैं, लेकिन पेड़ों का खत्म होना हमारी और आने वाली पीढ़ियों की जिंदगी पर असर डालेगा। उन्होंने कहा कि असली मशहूर हस्ती पेड़ हैं और उन्हें बचाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई छिपा हुआ एजेंडा लागू नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि साधु ग्राम के लिए एक भी पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अपने ही लोग हमें धोखा दें, तो उन्हें अपना कैसे माना जाए। उन्होंने यह भी कहा कि साधु और संत अच्छे लोग होते हैं, लेकिन अगर जरूरत दस लोगों की हो और हजार लोग आ जाएं, तो यह ठीक नहीं है। ऐसे लोग नासिक को नुकसान पहुंचाएंगे, इसलिए स्थानीय लोगों को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए।
साधु ग्राम बनाने के लिए सरकार की क्या योजना है?
कुंभ मेले के लिए साधु-संतों के रहने के लिए 1,200 एकड़ में 'साधु ग्राम' बनाने की योजना है। इस क्षेत्र में 1,670 पेड़ों पर पीला रंग लगाकर उन्हें काटने के लिए चिह्नित किया गया है। प्रकृति प्रेमियों और लोगों का कहना है कि इनमें से कुछ पेड़ 100 साल पुराने हैं। नासिक नगर निगम की ओर से पेड़ काटने का नोटिस जारी हुआ तो बड़ी संख्या में आपत्तियां आईं। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और पर्यावरण कार्यकर्ताओं व लोगों ने इस कार्रवाई का जोरदार विरोध किया।
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पहली बार नहीं हो रहा नासिक में कुंभ मेला: राज ठाकरे
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह पहली बार नहीं है जब कुंभ मेला नासिक में हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब मनसे नासिक में सत्ता में थी, तब भी कई काम हुए थे और अच्छी व्यवस्था की गई थी, लेकिन तब पेड़ काटने की कोई जरूरत नहीं पड़ी थी। उन्होंने कहा कि सरकार यह झूठा आश्वासन न दे कि कहीं और नए पेड़ लगाए जाएंगे, क्योंकि ऐसा कभी नहीं होता। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार के पास कहीं और पांच गुना पेड़ लगाने की जगह है, तो वहीं साधु ग्राम क्यों नहीं बनाया जाता।
'साधुओं के नाम उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है सरकार'
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार साधुओं का नाम लेकर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के नाम पर पहले पेड़ काटे जाएंगे, फिर जमीन समतल करके बाद में किसी उद्योगपति को दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यही काम मौजूदा सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि नासिक के लोग पेड़ कटाई का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने नासिक की जनता से अपील की कि वे मजबूती से इसके खिलाफ खड़े रहें। उन्होंने कहा कि मनसे स्थानीय निकाय चुनावोंके बाद भी इसके खिलाफ विरोध करने वालों का साथ देगी। अगर सरकार टकराव की राह अपनाएगी, तो मनसे जनता के साथ खड़ी रहेगी।
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उद्धव ठाकरे ने भी सरकार पर निशाना साधा
राज ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनके चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी सरकार पर हमला किया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि तपोवन वह स्थान है, जहां माना जाता है कि भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास के दौरान समय बिताया था। उन्होंने कहा कि पेड़ काटना हिंदुत्व के नाम पर किया जा रहा भ्रष्टाचार है और भाजपा का हिंदुत्व झूठा है, क्योंकि असली मकसद ठेकेदारों को फायदा पहुंचाना है।