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WB: हिंसा पर बोले राज्यपाल बोस- 'मैं खुद जाकर मुर्शिदाबाद की हकीकत देखूंगा, पीड़ितों के लिए मिलकर करेंगे काम'

Thu, 17 Apr 2025 05:39 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस जल्द ही हिंसा प्रभावित जिले मुर्शिदाबाद का दौरा कर सकते हैं। उससे पहले आज उन्होंने राजभवन में हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की है। इसके बाद उन्होंने कहा कि- मैं खुद जाकर वहां की हकीकत देखूंगा, उन्होंने ये भी कहा कि राजभवन केंद्र और राज्य सरकार से मिलकर पीड़ितों के लिए काम करेगा।
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सीवी आनंद बोस, राज्यपाल, पश्चिम बंगाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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वक्फ अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा, 'मैं खुद मैदान में जाकर वहां की हकीकत देखूंगा। मैं मामले को निष्पक्ष तरीके से देखूंगा। स्थिति पर काबू पा लिया गया है। हमें भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए। मैं निश्चित रूप से मुर्शिदाबाद का दौरा करूंगा'। 
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'पीड़ितों के लिए राज्य और केंद्र के साथ करेंगे काम'
राज्यपाल ने आगे कहा कि- क्षेत्र के लोगों ने वहां बीएसएफ कैंप बनाने का अनुरोध किया है।' इस दौरान राज्यपाल घोषाणा की कि, 'राजभवन राज्य और केंद्र सरकार के साथ मिलकर पीड़ितों के लिए हर संभव प्रयास करेगा।'
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मुर्शिदाबाद के पीड़ितों ने राज्यपाल से की मुलाकात
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार गुरुवार को मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुए दंगों के कारण बेघर हुए लोगों के एक समूह को राजभवन ले गए, जहां उन्होंने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने राज्यपाल से उनकी सुरक्षा, नौकरी और वित्तीय मुआवजे के लिए स्थायी केंद्रीय बल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।
 

पीड़ितों ने राज्यपाल को बताई आपबीती
इस दौरान पीड़ितों, जो कथित तौर पर हमला किए जाने और अपने घरों से निकाले जाने के बाद राहत शिविर में रह रहे हैं, ने राज्यपाल को बताया कि कैसे उनके सामान लूट लिए गए और घरों, दुकानों और संपत्तियों में आग लगा दी गई, जिससे उन्हें केंद्रीय बलों की मदद से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आगे की हिंसा को रोकने के लिए क्षेत्र में एक स्थायी बीएसएफ शिविर स्थापित करने की मांग की। उन्होंने राज्यपाल से उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने में मदद करने के अलावा मौद्रिक मुआवजा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया ताकि वे अपना जीवन फिर से शुरू कर सकें।


 
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