घाटी के बेहद ठंडे और माइनस तापमान वाले मौसम को देखते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को खास तरीके से डिजाइन किया जा रहा है। ट्रेन के फ्रंट लुकआउट ग्लास में डिफ्रॉस्टिंग के लिए भी हीटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे भारी बर्फबारी के बीच भी लोको पायलट को साफ विजिबिलिटी मिलेगी और ट्रेन संचालन में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
जम्मू से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन गुरुवार को रेल मंत्री ने किया। इस ट्रेन सेवा के शुरू होने से श्रीनगर आने जाने वाले यात्रियों का सफर अब पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। जबकि अब दिल्ली या देश के किसी भी हिस्से से यात्री पहले ट्रेन के जरिए जम्मू पहुंच सकते हैं। वहां से वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़कर सीधे श्रीनगर तक यात्रा कर सकेंगे।
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हालांकि, लोगों के मन में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि दिल्ली से सीधे श्रीनगर तक ट्रेन सेवा कब शुरू होगी। इस पर रेलवे का कहना है दिल्ली से सीधे श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने में अभी समय लगेगा। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि समतल इलाकों में चलने वाली ट्रेनों की तकनीक और डिजाइन पहाड़ी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त नहीं होती।
दिल्ली-श्रीनगर रूट के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाई जाएगी, जिसे खास तौर पर पहाड़ी इलाकों के हिसाब से डिजाइन करना होगा। फिलहाल जो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चल रही हैं या तैयार हैं, वे समतल क्षेत्रों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। इसी कारण, पहाड़ों के लिए उपयुक्त नई डिजाइन और तकनीक तैयार होने के बाद ही दिल्ली से सीधे श्रीनगर तक ट्रेन सेवा शुरू की जा सकेगी।
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घाटी के बेहद ठंडे और माइनस तापमान वाले मौसम को देखते हुए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को खास तरीके से डिजाइन किया जा रहा है। इसमें एडवांस हीटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिसमें सिलिकॉन हीटिंग पैड शामिल होंगे। ये पैड पानी की टंकियों और बायो टॉयलेट टैंकों को जमने से बचाएंगे। सुरक्षा के लिए ओवरहीट प्रोटेक्शन सेंसर भी लगाए जाएंगे, ताकि सिस्टम सुरक्षित तरीके से काम करे और यात्रियों को लगातार गर्म हवा मिलती रहे।
इसके अलावा ट्रेन में ऑटो ड्रेनिंग मैकेनिज्म भी होगा, जिससे प्लंबिंग लाइनों में पानी जमा नहीं होगा और ठंड में जमने की समस्या नहीं आएगी। विंडशील्ड में खास हीटिंग एलिमेंट लगाए जाएंगे, जो बर्फबारी के दौरान शीशे पर जमी बर्फ को हटाने में मदद करेंगे। ट्रेन के फ्रंट लुकआउट ग्लास में डिफ्रॉस्टिंग के लिए भी हीटिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे भारी बर्फबारी के बीच भी लोको पायलट को साफ विजिबिलिटी मिलेगी और ट्रेन संचालन में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।