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Bengal Exit Poll 2026: पहले 3, फिर 77; इस बार बंगाल में कितनी सीटों तक पहुंचेगी BJP, क्या गढ़ बचा पाएंगी ममता

Thu, 30 Apr 2026 07:14 PM IST
राकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद अलग-अलग सर्वे एजेंसियों ने अलग-अलग दावे किए हैं। जहां कुछ एजेंसियां भाजपा की प्रचंड लहर की ओर इशारा कर रही हैं, वहीं दो प्रमुख एजेंसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्ता में मजबूत वापसी की भविष्यवाणी की है। इन परस्पर विरोधी आंकड़ों ने नतीजों से पहले राज्य में सस्पेंस गहरा दिया है।
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बंगाल चुनाव एग्जिट पोल के नतीजे - फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान संपन्न होते ही कयासों का दौर शुरू हो गया है। एग्जिट पोल के आंकड़ों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इन आंकड़ों के मुताबिक, बंगाल में इस बार सत्ता परिवर्तन के प्रबल संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के किले में भारतीय जनता पार्टी बड़ी सेंध लगाती दिख रही है।
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बहुमत के आंकड़े की ओर भाजपा!
मैट्रिज के सर्वे के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी 146 से 161 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर सकती है। राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में भाजपा इस जादुई आंकड़े को पार करती नजर आ रही है। पार्टी के पक्ष में 42.5% वोट शेयर जाने का अनुमान जताया गया है। यह आंकड़ा भाजपा के लिए अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन साबित हो सकता है।

टीएमसी को बड़ा नुकसान
दूसरी ओर, सत्ताधारी टीएमसी को तगड़ा झटका लगता दिख रहा है। मैट्रिज सर्वे के मुताबिक, ममता बनर्जी को 125 से 140 सीटों के बीच संतोष करना पड़ सकता है। टीएमसी का वोट शेयर भी भाजपा से पिछड़कर 40.8% पर सिमटने का अनुमान है। अगर ये आंकड़े नतीजों में बदलते हैं, तो यह राज्य में एक दशक से अधिक समय से चले आ रहे टीएमसी के शासन का अंत होगा।
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प्रजा पोल: भाजपा की भारी जीत का अनुमान
प्रजा पोल के आंकड़े सबसे अधिक चौंकाने वाले हैं। इस एजेंसी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए एक बड़ी सियासी लहर का संकेत दिया है। इसके अनुसार, भाजपा को 178 से 208 सीटों का भारी बहुमत मिल सकता है। वहीं, सत्ताधारी टीएमसी का ग्राफ गिरकर मात्र 85 से 110 सीटों तक सिमटने का अनुमान है। इस पोल की खास बात यह है कि इसमें अन्य दलों का खाता भी नहीं खुलता दिख रहा है।



पीपल्स पल्स: टीएमसी की मजबूत वापसी
इन सभी सर्वे के बीच पीपल्स पल्स ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी की सत्ता में शानदार वापसी का भरोसा जताया है। इसके आंकड़ों के मुताबिक, टीएमसी 177 से 187 सीटें जीतकर फिर से सरकार बना सकती है। यहां भाजपा को 95 से 110 सीटों के साथ विपक्ष में बैठना पड़ सकता है, जबकि अन्य के खाते में एक से चार सीटें जा सकती हैं।

चाणक्य स्ट्रैटजीज और पोल डायरी: भाजपा को बढ़त
चाणक्य स्ट्रैटजीज के पूर्वानुमान में भाजपा और टीएमसी के बीच कड़ी टक्कर दिखाई गई है। यहां भाजपा को 150 से 160 सीटें और टीएमसी को 130 से 140 सीटें मिलने का अनुमान है। दूसरी ओर, पोल डायरी ने भी भाजपा को स्पष्ट बढ़त दी है। इस एजेंसी के मुताबिक, भाजपा 142 से 171 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर सकती है। वहीं टीएमसी को नुकसान के साथ 99 से 127 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

पीमारक्यू और जनमत के आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर
पीमारक्यू के सर्वे ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी करते हुए भाजपा को बड़ी बढ़त दी है। इस सर्वे के अनुसार, भाजपा 150 से 175 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना सकती है, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी 118 से 138 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। अगर ये आंकड़े सही साबित हुए, तो बंगाल की राजनीति में एक नया इतिहास रचा जाएगा।

दूसरी तरफ, जनमत पोल्स की रिपोर्ट पीमारक्यू के बिल्कुल उलट तस्वीर पेश कर रही है। जनमत के अनुसार, ममता बनर्जी का जादू बरकरार है और टीएमसी 195 से 205 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ वापसी कर रही है, जबकि भाजपा को महज 80 से 90 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। दोनों एजेंसियों के आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर होने की वजह से फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि 4 मई को 'दीदी' का किला बचेगा या कमल खिलेगा।

यह भी पढ़ें: बंगाल का सियासी रण: पोलिंग बूथ पर खूनी संघर्ष, भाजपा-TMC कार्यकर्ता भिड़े, सुरक्षाबलों ने किया लाठीचार्ज


जेवीसी एग्जिट पोल: बंगाल में कांटे की टक्कर, भाजपा को मामूली बढ़त का अनुमान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में जेवीसी के आंकड़े राज्य में बेहद कड़ा मुकाबला दिखा रहे हैं। इस सर्वे के अनुसार, भाजपा को 138 से 159 सीटें मिलने का अनुमान है, जो उसे बहुमत के आंकड़े के करीब खड़ा कर रहा है। दूसरी ओर, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस भी ज्यादा पीछे नहीं है। टीएमसी को 131 से 152 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। अन्य दलों के खाते में दो से चार सीटें जा सकती हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि बंगाल में मुकाबला नेक-टू-नेक है। जहां भाजपा मामूली बढ़त के साथ सत्ता के करीब पहुंचती दिख रही है, वहीं टीएमसी की पकड़ भी मजबूत बनी हुई है। 

चाणक्य के सर्वे में भाजपा को बहुमत, क्या विदा होंगी ममता बनर्जी?
टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल ने पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की बड़ी भविष्यवाणी की है। इस सर्वे के अनुसार, भाजपा को राज्य की 294 सीटों में से 192 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं ज्यादा है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को बड़ा झटका लग सकता है और वह महज 100 सीटों पर सिमटती दिख रही है। भाजपा को 48% और टीएमसी को 38% वोट मिलने का अनुमान है। बंगाल में इस बार हुए रिकॉर्ड 93% मतदान को जानकार बदलाव की लहर मान रहे हैं। यदि 4 मई को नतीजे ऐसे ही रहे, तो बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनेगी और टीएमसी का 15 साल पुराना राज खत्म हो जाएगा।

वोटरों का रुख और सीटों का गणित
कुल मिलाकर देखें तो अधिकांश एजेंसियां भाजपा को बहुमत के करीब मान रही हैं। लेकिन पीपल्स पल्स और जनमत पोल्स के आंकड़े टीएमसी समर्थकों में उम्मीद जगा रहे हैं। राज्य में अन्य पार्टियों की भूमिका नगण्य नजर आ रही है। पोल डायरी और चाणक्य स्ट्रैटजीज के अनुसार अन्य को पांच से 10 सीटें मिल सकती हैं। अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं कि क्या बंगाल में 'परिवर्तन' होगा या 'दीदी' का जादू कायम रहेगा।

पूर्णिमा त्रिपाठी बोलीं-बंगाल में ममता के लिए बढ़ी चुनौती
वरिष्ठ पत्रकार पूर्णिमा त्रिपाठी ने बंगाल चुनाव के एग्जिट पोल पर विश्लेषण करते हुए कहा है कि इस बार भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी के लिए सत्ता बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि मुस्लिम वोटों के बिखराव की जो चर्चा हुमायूं कबीर की वजह से हो रही थी, वह अब थमती नजर आ रही है। पूर्णिमा त्रिपाठी के अनुसार, ममता बनर्जी अपने गढ़ को बचाने में सफल रह सकती हैं, लेकिन राज्य में मुकाबला बेहद कांटे का है और ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है।

तीन से 77 सीटों तक पहुंची थी भाजपा
पश्चिम बंगाल में भाजपा का सियासी सफर बेहद चौंकाने वाला रहा है, जहां पार्टी 2016 में मात्र तीन सीटों पर सिमटी थी, वहीं 2021 के पिछले चुनाव में उसने जबरदस्त छलांग लगाते हुए 77 सीटों पर कब्जा कर ममता बनर्जी के दुर्ग को हिला दिया था। अब 2026 के ताजा एग्जिट पोल के आंकड़ों ने राज्य में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत दिए हैं। यह सस्पेंस गहरा गया है कि क्या भाजपा अपनी 77 सीटों की पिछली बढ़त को बहुमत में तब्दील कर पाएगी या ममता बनर्जी का गढ़ अभेद्य बना रहेगा।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 148 है। पिछले यानी 2021 के चुनाव परिणामों पर नज़र डालें तो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए 215 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा ने 2016 की अपनी महज 3 सीटों से लंबी छलांग लगाकर 77 सीटों पर कब्जा जमाया था और मुख्य विपक्षी दल बनी थी। वहीं, वाम मोर्चा और कांग्रेस के गठबंधन संयुक्त मोर्चा का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था।


 
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