देश में भाजपा की सरकार आने के बाद से ही रेलवे के क्षेत्र में काफी तेज गति से काम किया जा रहा है। कई नई परियोजनाएं इस क्षेत्र के लिए लाई गई हैं। इनमें नई ट्रेनों का विकास, रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण आदि शामिल है। इसी क्रम में रेलवे अपनी नई अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,000 महत्वपूर्ण छोटे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की योजना बना रहा है। रेलवे की यह योजना एक अन्य पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत 200 बड़े स्टेशनों के पुनरुद्धार की महत्वाकांक्षी योजना से भिन्न है।
अधिकारियों ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन छोटे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा उनकी पहचान न केवल यात्रियों की संख्या बल्कि शहरों के आधार पर भी की जाएगी। इसका उद्देश्य क्षमता वाले विकासशील शहरों की पहचान करना और शहर के केंद्रों के रूप में रेलवे स्टेशनों की परिकल्पना करना है जो न केवल शहर के विभिन्न हिस्सों बल्कि भविष्य में विभिन्न शहरों के बीच भी जुड़ेंगे। योजना पुलों और परिवहन के विभिन्न साधनों से जुड़ी हर चीज को शामिल करने की है।
उन्होंने कहा कि लागत प्रभावी तरीके से स्टेशनों का आधुनिकीकरण शुरू करने का विचार है। जरूरत के हिसाब से मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण के कार्यों पर विचार करेंगे। इस उद्देश्य के लिए डीआरएम के पास एक विशेष कोष भी निर्धारित किया जाएगा।
संयुक्त सचिव समेत दस शीर्ष अफसरों जबरन सेवानिवृत्त
रेलवे के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकायत पर दूर संचार विभाग में संयुक्त सचिव समेत 10 शीर्ष अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्ति दी है। दूर संचार विभाग में यह पहली बार है जब इस तरह अफसरों को बाहर कर रास्ता दिखाया गया है।
वैष्णव ने अपने ‘काम करो या नौकरी छोड़ो’ अभियान व भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता को बरकरार रखते हुए सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 की धारा 56 (जे) के नियम 48 के तहत यह कार्रवाई की। सूत्र ने बताया, जिन अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्ति दी गई है उनमें नौ निदेशक स्तर के हैं। केंद्र सरकार के सालाना मनाए जाने वाले सुशासन दिवस से दो दिन पहले किया।
इससे पहले सितंबर में अश्विनी वैष्णव ने एक बैठक में बीएसएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी को झपकी लेने पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी थी। रेलवे विभाग ने भी लगभग 40 अधिकारियों को जबरन सेवानिवृत्त किया था, इनमें एक सचिव स्तर व दो विशेष सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। रेल मंत्रालय का भी प्रभार अश्विनी वैष्णव के पास है।