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रेलवे कर रहा है मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों को स्पेशल बनाकर दौड़ाने की तैयारी

Thu, 14 May 2020 07:31 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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श्रमिक स्पेशल ट्रेन - फोटो : Amar Ujala (File)
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रेलवे, श्रमिक स्पेशल गाड़ियों के साथ अब मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों को स्पेशल बनाकर दौड़ाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि ये सभी गाड़ियां लंबी दूरी वाली होंगी और इन्हें नए नंबर अलॉट किए जाएंगे। रेलवे सूत्रों का कहना है कि ऐसी गाड़ियों की संख्या आठ सौ से अधिक रहेगी।

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डेली पेसेंजर ट्रेन अभी नहीं चलेंगी। रेलवे ने 14 मई को जो ताजा आदेश जारी किए हैं, उनमें कहा गया है कि 30 जून तक 'रेगुलर' पैसेंजर, मेल, एक्सप्रेस और सब-अर्बन ट्रेन नहीं चलेंगी। इनमें से बहुत सी गाड़ियों को स्पेशल ट्रेन का दर्जा देकर चलाया जाएगा। इन गाड़ियों का शेड्यूल जल्द जारी होगा।
 

रेल मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, पहले इस योजना पर काम चल रहा था कि श्रमिक स्पेशल गाड़ियों के साथ कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएंगी। उस वक्त यह तय नहीं हुआ था कि श्रमिक स्पेशल गाड़ियों की संख्या कितनी होगी।

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बाद में करीब तीन सौ गाड़ियों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन बनाकर चलाया गया। अगले ही दिन सभी राज्यों की ओर से इस ट्रेन के लिए मांग आने लगी। रेलवे ने इसकी संख्या बढ़ा दी। अभी तक 800 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया गया है।

इनके जरिए 10 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य में भेजा जा चुका है। इस सप्ताह में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर-पूर्व के राज्य, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, हरियाणा, बिहार और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में नई श्रमिक स्पेशल गाड़ियां चलाई जा सकती हैं।

इनके साथ ही 20 मई के बाद मेल और एक्सप्रेस गाड़ियों को स्पेशल ट्रेन का दर्जा देकर चलाया जाएगा। इन गाड़ियों में कोई भी सामान्य नागरिक यात्रा कर सकेगा।


इनमें स्पेशल एसी और स्पेशल नॉन-एसी, दोनों तरह की गाड़ियां रहेंगी। रेलवे के अधिकारी का कहना है कि अभी उनके पास गाड़ियों की कमी है। वजह, रेलवे ने अपनी पांच हजार गाड़ियों को क्वारंटीन सेंटर में बदला हुआ है।

इसके चलते 85 हजार से अधिक कोच बाधित हो गए हैं। अब रेलवे का प्रयास है कि कम दूरी वाली यानी सब-अर्बन गाड़ियों को मेल एक्सप्रेस बनाकर उन्हें लंबी दूरी वाले ट्रैक पर चलाया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से अभी लोकल ट्रेन नहीं चलाई जाएंगी।

लंबी दूरी वाली गाड़ियों में चूंकि पहले से ही बुकिंग होती है, इसलिए वहां सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना संक्रमण से जुड़ी दूसरी बातों का पालन किया जा सकता है।

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