रेलवे, श्रमिक स्पेशल गाड़ियों के साथ अब मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों को स्पेशल बनाकर दौड़ाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि ये सभी गाड़ियां लंबी दूरी वाली होंगी और इन्हें नए नंबर अलॉट किए जाएंगे। रेलवे सूत्रों का कहना है कि ऐसी गाड़ियों की संख्या आठ सौ से अधिक रहेगी।
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, पहले इस योजना पर काम चल रहा था कि श्रमिक स्पेशल गाड़ियों के साथ कुछ मेल और एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएंगी। उस वक्त यह तय नहीं हुआ था कि श्रमिक स्पेशल गाड़ियों की संख्या कितनी होगी।
इनमें स्पेशल एसी और स्पेशल नॉन-एसी, दोनों तरह की गाड़ियां रहेंगी। रेलवे के अधिकारी का कहना है कि अभी उनके पास गाड़ियों की कमी है। वजह, रेलवे ने अपनी पांच हजार गाड़ियों को क्वारंटीन सेंटर में बदला हुआ है।
इसके चलते 85 हजार से अधिक कोच बाधित हो गए हैं। अब रेलवे का प्रयास है कि कम दूरी वाली यानी सब-अर्बन गाड़ियों को मेल एक्सप्रेस बनाकर उन्हें लंबी दूरी वाले ट्रैक पर चलाया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से अभी लोकल ट्रेन नहीं चलाई जाएंगी।
लंबी दूरी वाली गाड़ियों में चूंकि पहले से ही बुकिंग होती है, इसलिए वहां सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना संक्रमण से जुड़ी दूसरी बातों का पालन किया जा सकता है।