फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Good News: अब ट्रेन की रफ्तार पर नहीं पड़ेगा कोहरे का असर, रेलवे ने किया बड़ा सुधार

Tue, 06 Dec 2022 10:54 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सर्दी के मौसम में उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह बाधित होता है और कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता है। वहीं, ट्रेनों के  विलंब से चलने के कारण यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 
विज्ञापन

सर्दी के मौसम में घने कोहर के कारण अक्सर ट्रेनों की रफ्तार पर असर पड़ता था। कम विजिबिलिटी के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। लेकिन रेलवे ने इसका तोड़ निकाल लिया है। रेलवे मंत्रालय ने ट्रेनों को विलंब से बचाने के लिए कदम उठाया है। रेल यात्रियों की परेशानी को देखते हुए मंत्रालय ने सभी ट्रेनों में अनिवार्य रूप से फाग सेफ्टी डिवाइस लगाने का निर्देश दिया है। खराब मौसम और कोहरे की स्थिति के अनुसार लोको पायलट ट्रेनों को अधिकतम 75 किमी प्रति घंटे की गति से चला सकते हैं। फिलहाल ट्रेनों की अधिकतम सीमा 60 किमी प्रति घंटे है।

रेल मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि कोहरे में ट्रेनों का समय पर परिचालन और सुरक्षा बढ़ाने के लिए फैसले लिए गए हैं और लोको पायलटों को सभी जरूरी सावधानियों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है। ट्रेन परिचालन के दौरान कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम होने की स्थिति में उन्हें गति को उस स्तर तक नियंत्रित करना चाहिए, जिससे विपरीत परिस्थिति में अनहोनी को टाला जा सके। मंत्रालय के मुताबिक, कोहरे में पटरियों और सिग्नल पर नजर रखने के लिए साइटिंग बोर्ड तथा फाग सिग्नल पोस्ट की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके लिए सिग्नल मैन को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोहरे से प्रभावित होता है ट्रेनों का परिचालन
सर्दी के मौसम में उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह बाधित होता है और कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ता है। वहीं, ट्रेनों के  विलंब से चलने के कारण यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने ट्रेनों में लोको पायलटों को फाग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें