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Railway: अब सेब-चेरी की होगी सीधी डिलीवरी, रेलवे ने शुरू की खास पार्सल सेवा, यहां से शुरू हुई खास ट्रेन

Fri, 17 Apr 2026 07:51 PM IST
Sandhya Kumari डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

रेलवे के अनुसार यह सेवा सड़क मार्ग के मुकाबले ज्यादा तेज होगी और करीब 23–24 घंटे में दूरी तय करेगी। इससे सेब और चेरी जैसे जल्दी खराब होने वाले फल ताजे हालत में बाजार तक पहुंच सकेंगे।

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दिल्ली और कश्मीर के बीच विशेष मालगाड़ी शुरू - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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कश्मीर के बागवानों और व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तरी रेलवे शुक्रवार से दिल्ली और कश्मीर के बीच विशेष मालगाड़ी शुरू करने जा रहा है। इस सेवा के शुरू होने से सेब और चेरी जैसे जल्दी खराब होने वाले फल अब करीब 24 घंटे में दिल्ली की मंडियों तक पहुंच सकेंगे। अभी तक सड़क मार्ग से ट्रकों के जरिए इन्हें लाने में ज्यादा समय लगता था और जोखिम भी बना रहता था। रेलवे के अनुसार, यह सेवा फिलहाल 31 मई तक ट्रायल के तौर पर चलाई जाएगी।

व्यापारियों और किसानों की मांग को देखते हुए यह पार्सल ट्रेन 17 अप्रैल से नियमित रूप से चलाई जाएगी। रेलवे का कहना है कि अगर माल की पर्याप्त बुकिंग बनी रहती है, तो इसे स्थायी सेवा में बदलने पर विचार किया जाएगा। इस विशेष ट्रेन में आठ पार्सल वैन के साथ एक सीटिंग-कम-लगेज कोच लगाया गया है, जिससे माल ढुलाई के साथ सीमित यात्री सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

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ट्रेन संख्या 00462 बडगाम से सुबह 6:15 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 5:00 बजे दिल्ली के आदर्श नगर स्टेशन पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 00461 आदर्श नगर से सुबह 5:00 बजे चलकर अगले दिन सुबह 10:45 बजे बडगाम पहुंचेगी। व्यापारियों की सुविधा के लिए यह ट्रेन रास्ते में बाड़ी ब्राह्मण और अंबाला कैंट स्टेशनों पर भी रुकेगी, जिससे वहां से भी माल की लोडिंग और अनलोडिंग हो सकेगी।

रेलवे के अनुसार यह सेवा सड़क मार्ग के मुकाबले ज्यादा तेज होगी और करीब 23–24 घंटे में दूरी तय करेगी। इससे सेब और चेरी जैसे जल्दी खराब होने वाले फल ताजे हालत में बाजार तक पहुंच सकेंगे। रेलवे का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसके जरिए केसर, अखरोट, पश्मीना शॉल और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को देशभर के बाजारों तक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।

आमतौर पर सड़क मार्ग से कश्मीर से दिल्ली तक माल पहुंचाने में ज्यादा समय लगता है। ट्रैफिक जाम और खराब मौसम के कारण कई बार फल रास्ते में ही खराब हो जाते हैं, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है।

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