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Railways: चुनाव से पहले बिहार को मिल सकती है कई ट्रेनों की सौगात, इन बड़े शहरों के लिए शुरू होंगीं गाड़ियां

Mon, 21 Apr 2025 04:47 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में अगले हफ्ते से अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को मधुबनी जिले में प्रस्तावित दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी बिहारवासियों को दूसरी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन का तोहफा देंगे।
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रेलगाड़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के पहले ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चली है। सभी दलों के नेताओं का बिहार आना-जाना का सिलसिला भी शुरू हो चला हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे भी एक्शन में नजर आ रहा है। रेलवे ने बिहार में चुनावी घोषणा से पहले छह माह के भीतर छह नई ट्रेनें शुरू करने का ऐलान किया है। इसमें अमृत भारत एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें शामिल है। इससे बिहार से दिल्ली, पुणे, हैदराबाद समेत कई बिजी रूट पर चलने वाले यात्रियों का सफर आरामदायक हो जाएगा। रेलवे के इस कदम से कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी होगी। लोगों के आने-जाने के लिए कई ट्रेनों का विकल्प मिलेगा। इससे यात्रियों को टिकटों की मारामारी से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में अगले हफ्ते से अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को मधुबनी जिले में प्रस्तावित दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी बिहारवासियों को दूसरी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन का तोहफा देंगे। यह नई ट्रेन सहरसा से मुंबई के बीच चलेगी। पहले इस ट्रेन को सहरसा से दिल्ली होकर अमृतसर तक चलाए जाने की योजना थी। ताजा जानकारी के अनुसार, अब इस ट्रेन को सहरसा से समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पाटलिपुत्र (पटना) होकर मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन तक चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को मधुबनी जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम से इस ट्रेन को वर्चुअल तरीके से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

इस ट्रेन के अलावा पीएम नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को सहरसा से दो नई मेमू ट्रेनों को भी वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। सहरसा से सुपौल होते हुए पिपरा के बीच नई पैसेंजर ट्रेन चलाई जाएगी। इसके अलावा सहरसा से खगड़िया, अलौली होते हुए समस्तीपुर के लिए मेमू पैसेंजर ट्रेन चलेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री बिहार की पहली वंदे मेट्रो ट्रेन का भी शुभारंभ करेंगे। यह पटना से जयनगर (मधुबनी) के बीच चलाई जाएगी। इसे नमो भारत एक्सप्रेस ट्रेन भी कहते हैं, जो रैपिड रेल के रैक पर चलाई जाती है। अभी देश में सिर्फ अहमदाबाद और भुज के बीच वंदे मेट्रो ट्रेन चल रही है।
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रेलवे सूत्रों का कहना है कि, पटना से नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन इसी साल शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस ट्रेन से लंबी दूरी के यात्रियों को काफी फायदा होगा। इससे उनके समय में भी बचत होगी। वहीं, पुणे, बेंगलुरु, सिकंदराबाद और एक अन्य मार्ग पर नई सुपरफास्ट ट्रेनें चलाने के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।

ये भी पढ़ें:  Bihar: सहरसा से मुंबई के बीच चलेगी दूसरी अमृत भारत ट्रेन, ये होगा का रूट; PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

चुनावी साल में बिहार को रेलवे ने दी है ये सौगात
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे को 2,52,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते बिहार को इस बार 10,066 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछली यूपीए सरकार के समय से 9 गुना है। पहले 2004 से 2014 के बीच बिहार को औसतन 1,132 करोड़ रुपये ही मिलते थे। कुल मिलाकर बिहार में रेलवे पर 90 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। केंद्र सरकार की अमृत स्टेशन योजना के तहत बिहार के 98 स्टेशनों को 3164 करोड़ रुपए के खर्च से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, वाईफाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ नया रूप दिया जा रहा है। अभी बिहार में 12 वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही हैं, जो राज्य के 15 जिलों को कवर करती हैं, ये ट्रेनें 22 स्टेशनों पर रुकती हैं। इसके अलावा 1 अमृत भारत एक्सप्रेस (दरभंगा-आनंद विहार टर्मिनल) भी चलाई जा रही है, जो 4 जिलों को कवर करती है और बिहार में 11 जगहों पर रुकती है।
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बिहार में 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन
2014 से अब तक बिहार में 3,020 किलोमीटर ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जा चुका है, जिससे बिहार की 100% रेल लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है। 2009-14 के दौरान जहां हर साल 30 किलोमीटर रेल लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन किया जा रहा था, वहीं 2014-25 के दौरान यह 9 गुना बढ़कर 275 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गया। इसी तरह, 2009 से 14 के दौरान हर साल 64 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई, जबकि 2014-25 के दौरान यह लगभग ढाई गुना बढ़कर 167 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गया।
 
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