मैसूर से दरभंगा जा रही बागमती एक्सप्रेस (12578) तमिलनाडु के कावरापेट्टई स्टेशन के पास शुक्रवार को मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। इस मामले को लेकर सभी अधिकारी सतर्क हो गए हैं। घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज कावारईपेट्टई रेल दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मैसूर से दरभंगा जा रही बागमती एक्सप्रेस (12578) तमिलनाडु के कावरापेट्टई स्टेशन के पास मालगाड़ी से टकरा गई थी। इस हादसे में कई लोग घायल हुए। हादसे के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा था कि वह लगातार बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। घायल यात्रियों को अस्पताल ले जाया गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नासर और जिला कलेक्टर सहित अन्य सरकारी अधिकारियों को दुर्घटना स्थल पर जाने का निर्देश दिया गया था। मंत्री एसएम नासर और अन्य अधिकारियों ने दुर्घटना स्थल पर पहुंचने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने की घोषणा की।
कैसे हुआ हादसा?
दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक आरएन सिंह ने हादसे के बारे में बताया था कि जब कर्नाटक के मैसूर से बिहार के दरभंगा तक जाने वाली बागमती एक्सप्रेस ट्रेन का रूट- आंध्र प्रदेश और ओडिशा के रास्ते निर्धारित है। शुक्रवार को जब ट्रेन कावरापेट्टई स्टेशन से गुजर रही थी, उसी समय एक मालगाड़ी लूप लाइन पर खड़ी थी। उसे प्राथमिकता दी गई। बागमती एक्सप्रेस को बिना रुके मुख्य लाइन से गुजरना था, क्योंकि इस स्टेशन पर निर्धारित स्टॉप नहीं है। मुख्य लाइन के लिए सिग्नल भी दिए जा चुके थे। हालांकि, मुख्य लाइन के लिए सिग्नल होने के बावजूद, ट्रेन लूप लाइन में घुस गई, जो असामान्य घटना है। लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से पीछे से टकराने के बाद इंजन समेत 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों सुरक्षित हैं।