गुजरात के राजकोट जिले के गांव अंचवड़ में सेना के अग्निवीर जवान गोहिल विश्वराज सिंह का पार्थिक शरीर शनिवार को उनके पैतृक निवास पहुंचा। ऐसे में, जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। नम आंखों से लोगों ने आज अपने लाल को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में भारत माता की जय, गोहिल अमर रहे के नारे गुंजते रहे।
नासिक में तोप का गोला फटा था
अधिकारियों ने बताया था कि प्रशिक्षण केंद्र में अग्निवीरों का एक दल प्रशिक्षण ले रहा था। इस दौरान तोप का एक गोला फट गया। इसमें दो अग्निवीर घायल हो गए थे। घायलवस्था में दोनों को देवलाली के एमएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर दोनों की मौत हो गई। हवलदार अजीत कुमार की शिकायत के आधार पर देवलाली पुलिस थाने में हादसे में मौत होने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
अग्निपथ योजना क्या है और अग्निवीर कौन होते हैं?
अग्निपथ योजना की घोषणा केंद्र ने जून 2022 में की थी। इस योजना के तहत भर्ती होने वालों को 'अग्निवीर' कहा जाता है। सरकार ने कहा है कि रक्षा बलों में चार साल की सेवा के बाद युवाओं के लिए कई नौकरियां और अन्य रास्ते खुले रहेंगे। चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर, 25 फीसदी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित कैडर के रूप में रखा जाएगा। बाकी को आगे रोजगार के अवसरों के लिए सहायता मिलेगी। अग्निवीरों को उनके बाहर निकलने पर सेवा निधि पैकेज के रूप में 11.71 लाख रुपये दिए जाएंगे, जो आयकर से मुक्त होंगे। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, असम, ओडिशा और गोवा सरकार ने अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने का एलान किया है। इसके अलावा विभिन्न केंद्रीय बलों में भी अग्निवीरों को आयुसीमा और सरकारी नौकरियो में प्राथमिकता देने के लिए कहा है।