बिना इंजन वाली ट्रेन की रफ्तार समेत अन्य परीक्षण के बाद रेलवे अब इसे ट्रैक पर उतारने की तैयारियों में जुट गया है। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर से हरी झंडी मिलने के बाद ट्रेन-18 को इस महीने आम लोगों के लिए शुरू किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक 15 दिसंबर या 25 दिसंबर को इसे ट्रैक पर उतारा जा सकता है।
इसके साथ ही रेलवे ट्रेन के रूट तय कर रहा है। रेलवे पहले ही दिल्ली-भोपाल के बीच इसे चलाने की बात कही थी। अब दिल्ली-वाराणसी के बीच भी इसे चलाने की चर्चा है। उल्लेखनीय है कि वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में रेल मंत्रालय का यह आम लोगों के साथ प्रधानमंत्री को भी तोहफा होगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हम एक सप्ताह में परीक्षण खत्म होने की उम्मीद कर रहे हैं। इसके बाद हम सीआरएस का मंजूरी लेंगे। यह ट्रेन यूं तो ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली। लेकिन स्टॉपेज के साथ इसकी औसत गति 144.44 किलोमीटर प्रतिघंटा आंकी गई।