रेल मंत्रालय ने 1 नवंबर से 600 ट्रेनों की गति बढ़ा दी है। हालांकि करीब 250 ट्रेन की समय सीमा में कटौती करके इन ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है। जिन ट्रेनों की समय सीमा बढ़ाई गई है उन्हें 5 मिनट से लेकर 1 घंटा 10 मिनट तक की देरी से चलाया जा रहा है।
हैरान करने वाली बात यह है कि जिन ट्रेनों को देरी से चलाया जा रहा है उसकी जानकारी यात्रियों को नहीं दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, रमेशस्वरम-फैजाबाद एक्सप्रेस की 2,900 किलोमीटर की दूरी को कवर करने में अब 50 मिनट ज्यादा लग रहा है।
चेन्नई-थंजावुर उज्हावन एक्सप्रेस को 25 मिनट धीमा किया गया है। जबकि लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) - गोरखपुर 1 घंटा 15 मिनट की देरी से पहुंच रही है। वहीं कोलकाता-पटना एक्सप्रेस (13131) 20 मिनट धीमा किया गया है।
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ट्रेनों की गति धीमी करने के बाद गुवाहाटी-नहरलागुन शताब्दी एक्सप्रेस और सिकंदराबाद-यशवंतपुर गरीब रथ की औसत गति 55 किमी तक रह गई है। अभी तक रेलवे इन ट्रेनों की टिकटों पर यात्रियों से सुपरफास्ट सरचार्ज लिया करती थी, अब देखना होगा कि रेलवे कब इसे हटाती है।
दक्षिण रेलवे के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन 20 ट्रेनों की गति बढ़ाई है उनमें से 13 ट्रेनें अपने गंतव्य स्थल पर 5 मिनट पहले और बाकि 7 ट्रेनें 10 से 25 मिनट पहले पहुंचेंगी।