फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vande Bharat: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर रेल मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट, मंत्री ने बताया कब से शुरू ट्रेन?

Thu, 31 Jul 2025 06:34 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेल मंत्री ने बताया कि, वर्तमान में ऐसी 10 ट्रेनों का उत्पादन कार्य चल रहा है। 50 वंदे भारत स्लीपर रेक का और उत्पादन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा, 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का ठेका भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को दिया गया है, जिसमें से मेसर्स केआईएनईटी रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड को 16 डिब्बों वाली 120 ट्रेनों की आपूर्ति करनी है। यह मूल अनुबंध समझौते के अनुसार है।
विज्ञापन
वंदे भारत एक्सप्रेस - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की पहली हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन इन दिनों यात्री बहुत पसंद कर रहे है। देश के सभी राज्यों में ये ट्रेनें अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रही है। इस बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें देश में रेल यात्रा को और आरामदायक बनाने के लिए तैयार हैं। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को लंबी और मध्यम दूरी की यात्राओं के लिए तैयार किया है। संसद में एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया है।

विज्ञापन


रेल मंत्री ने बताया कि, वर्तमान में ऐसी 10 ट्रेनों का उत्पादन कार्य चल रहा है। 50 वंदे भारत स्लीपर रेक का और उत्पादन इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा, 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का ठेका भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को दिया गया है, जिसमें से मेसर्स केआईएनईटी रेलवे सॉल्यूशंस लिमिटेड को 16 डिब्बों वाली 120 ट्रेनों की आपूर्ति करनी है। यह मूल अनुबंध समझौते के अनुसार है।

25 जुलाई को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में रेल मंत्री ने बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला रैक चालू होने वाला है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का पहला प्रोटोटाइप पहले ही तैयार हो चुका है. व्यापक फील्ड परीक्षणों और उससे प्राप्त अनुभव के आधार पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पहला रैक चालू होने वाला है। उन्होंनें कहा कि पिछले तीन वर्षों में भारतीय रेलवे में कुल 892 सर्वेक्षणों को मंजूरी दी गई है. इनमें 267 नई लाइनें, 11 गेज परिवर्तन और 614 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी संयुक्त लंबाई 61,462 किलोमीटर है।
विज्ञापन


बिहार में 98 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास
रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे बिहार में कई परिवर्तनकारी परियोजनाओं को चला रहा है। बिहार में 98 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य चल रहा है, जिसका उद्देश्य इन रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाना और यात्री सुविधाएं बढ़ाना है। आठ नई वंदे भारत ट्रेन (पांच अमृत भारत एक्सप्रेस और एक नमो भारत सहित) वर्तमान में चालू है - जो बिहार के लोगों के लिए आधुनिक रेल यात्रा का अनुभव प्रदान करती हैं।

संसद में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्षों से रुकी हुई परियोजनाएं अब तेजी और दक्षता के साथ पूरी हो रही हैं। मुंगेर और पटना में नए पुलों के निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि किस प्रकार लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा किया जा रहा है. रेल मंत्री ने बताया कि राज्य भर में 218 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है - जिससे कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यातायात की बाधाएं कम होंगी। पटना से दिल्ली, दरभंगा से दिल्ली और बेंगलुरु के लिए नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की गई है, जो केंद्र सरकार के बिहार पर ध्यान केंद्रित करने का प्रमाण है। इन ट्रेनों को समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।

संसद में बोलते हुए, रेल मंत्री ने बिहार में रेलवे क्षेत्र के तेजी से विकास के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि ये परिवर्तन न केवल बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन को दर्शाते हैं, बल्कि बिहार के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक बड़े प्रयास को भी दर्शाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें