देश के परिवहन ढांचे को उन्नत, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों में से एक है। खासतौर पर रेलवे को प्रधानमंत्री देश की जीवन रेखा मानते हैं। रेलवे से जुड़े कई बड़े सुधार अब तक हो चुके हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी के नवोन्मेषी विचार और सुझाव रेलवे के बुनियादी ढांचे को आने वाले 50 वर्ष की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने में मदद कर रहे हैं। वैष्णव ने ट्वीट में बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें 50 रेलवे स्टेशनों को उन्नत, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के लिहाज से तैयार करने का लक्ष्य दिया, तो कुछ दिन बाद उन्होंने स्टेशनों के आधुनिकीकरण और उन्नयन को लेकर करीब दो घंटे का प्रजेंटेशन पीएम मोदी को दिया, लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं हुए।
प्रजेंटेशन के बाद रात में प्रधानमंत्री ने किया फोन
वैष्णव ने बताया, प्रधानमंत्री सतही बातों से संतुष्ट नहीं होते, उन्हें बेहद बारीक जानकारियों के साथ विस्तृत बातचीत पसंद है। बहरहाल, प्रजेंटेशन के बाद रात को पीमए मोदी ने उन्हें फोन किया और कहा, आपने जो डिजाइन योजना पेश की है वह मौजूदा वक्त के हिसाब से तो ठीक है, लेकिन यह काम आने वाले 50 वर्ष को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जो 50 स्टेशन तय किए गए हैं, ये सभी शहरों के बीचों-बीच मौजूद हैं। लिहाजा, यहां जगह की हमेशा तंगी रहती है। इसलिए, इन स्टेशनों पर नए नजरिये के साथ अरबन स्पेस (शहरी जगह) तैयार करनी होगी। इसके बाद उन्होंने रूफटॉप प्लाजा का विचार दिया। पीएम ने बताया कि कैसे पटरी के ऊपर रूफ प्लाजा बनाकर अतिरिक्त शहरी जगह बनाई जा सकती है। यहां पर प्रतिक्षालय, फूड कोर्ट, बच्चों के खेलने की जगह हो। इसके अलावा पटरी के ऊपर ही छोटे बाजार बनाए जा सकते हैं, जहां स्थानीय उत्पाद बेचे जा सकें।
शहर को बांटने के बजाय जोड़ने वाली जगह बने
वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने एक और गहरा विचार पेश किया कि आमतौर पर रेलवे स्टेशन और पटरियां शहर को दो हिस्सों में बांट देती हैं। जब नए स्टेशन बनें, तो इन्हें इस तरह से डिजाइन किया जाए कि ये शहर को बांटने के बजाय जोड़ने वाली जगह बने। इसके लिए रूफ प्लाजा की कनेक्टिविटी इस तरह से तैयार की जाए कि यात्रियों के साथ ही शहर के आम लोग भी वहां आसानी से पहुंच सकें।