रेलवे बोर्ड ने स्टेशन मास्टर के पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा बढ़ा दिया गया है। यह बदलाव 7 अक्तूबर से लागू हो गया है। हालांकि, अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष ही रहेगी। रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे स्थापना नियमावली में संशोधन करते हुए यह फैसला लिया है। 7 अक्तूबर को जारी आधिकारिक पत्र में सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों और रेलवे भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को इसकी जानकारी दी गई।
रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे स्थापना नियमावली में संशोधन किया है। 7 अक्तूबर को जारी एक आधिकारिक पत्र में सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों के साथ-साथ रेलवे भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को इस फैसले की जानकारी दी गई।
पत्र में कहा गया, बोर्ड ने अब स्टेशन मास्टर के पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 20 साल करने का फैसला किया है। इसमें यह भी कहा गया कि संशोधन पत्र जारी होने की तारीख से लागू होगा। जिन भर्तियों की प्रक्रिया पहले से चल रही है और जिनके लिए केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना जारी हो चुकी है, उन पर पुराने भर्ती नियम ही लागू होंगे।
स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने फैसले का स्वागत किया
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (एआईएसएमए) ने रेलवे बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है। एसोसिएशन के महासचिव शरद चंद्र पुरोहित ने इसे लंबे समय से की जा रही मांग बताया।
उन्होंने कहा, "स्टेशन मास्टर के पद पर सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। उम्मीदवार स्नातक की पढ़ाई पूरी करते समय 20 साल के हो जाते हैं या उनकी उम्र इससे अधिक हो जाती है। कोई भी उम्मीदवार 18 साल की उम्र में स्नातक पूरा नहीं करता। इसलिए यह संशोधन शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप है।"
पुरोहित ने कहा, हमने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर स्टेशन मास्टरों की कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े कई मुद्दों की ओर उनका ध्यान दिलाया था। न्यूनतम आयु सीमा बढ़ाकर रेलवे बोर्ड ने सही फैसला लिया है।