रेलवे बोर्ड ने दो लाख से अधिक ट्रेन ऑपरेशन स्टाफ़ की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए लोको रनिंग स्टाफ़ के किलोमीटर भत्ते (केए) में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा की है।
रेलवे बोर्ड ने लोको पायलटों और ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने उनके किलोमीटर भत्ते (केए) में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2024 से लागू मानी जाएगी। यह फैसला कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद लिया गया है। पिछले दो साल से रेलवे के कर्मचारी संगठन इस भत्ते को बढ़ाने की मांग कर रहे थे और इसके लिए कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए गए।
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करीब दो लाख रेलवे कर्मचारी लाभान्वित होंगे
रेलवे के आदेश के मुताबिक, जब 1 जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता (डीए) 50 प्रतिशत बढ़ाया गया, तब से ही किलोमीटर भत्ता बढ़ाने का मामला भी विचाराधीन था। अब इसे मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से करीब दो लाख रेलवे कर्मचारी लाभान्वित होंगे। रेलवे में बाकी कर्मचारियों को यात्रा भत्ता (टीए) मिलता है, जबकि लोको पायलट और रनिंग स्टाफ को किलोमीटर भत्ता दिया जाता है। टीए पहले ही बढ़ चुका था, लेकिन केए अब बढ़ाया गया है। जानकारी के अनुसार, किलोमीटर भत्ता मूल वेतन के 30 प्रतिशत और 20 दिन के यात्रा भत्ते के आधार पर तय किया जाता है।
कैसे तय होता है किलोमीटर भत्ता
ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के अनुसार, किलोमीटर भत्ता दो प्रमुख घटकों पर आधारित होता है
मूल वेतन का 30 प्रतिशत
20 दिनों का यात्रा भत्ता (टीए)
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पहले 100 किलोमीटर के लिए 525 रुपये की दर 800 रुपये प्रतिदिन के टीए पर आधारित थी। अब महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंचने के कारण टीए बढ़कर 1000 रुपये हो गया है, जिससे केए में भी आनुपातिक बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी।
7वें वेतन आयोग के अनुरूप फैसला
यह संशोधन 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि 2011 और 2014 में भी महंगाई भत्ते की सीमा के आधार पर इसी तरह 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन इस बार इसमें काफी देरी हुई।