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Telangana: के. कविता का एलान- 17 जुलाई को होगा रेल रोको आंदोलन; ओबीसी समुदाय के लिए 42 फीसदी आरक्षण की मांग

Tue, 08 Jul 2025 04:38 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Telangana: बीआरएस नेता के. कविता ने ओबीसी को 42 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर 17 जुलाई को तेलंगाना में 'रेल रोको' आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पारित विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित है और केंद्र सरकार इसे शीघ्र मंजूरी दे। कविता ने सुझाव दिया कि तमिलनाडु मॉडल अपनाते हुए इस कानून को संविधान की 9वीं अनुसूची में जोड़ा जाना चाहिए। 
 
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के. कविता - फोटो : ANI
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विस्तार
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तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य में 17 जुलाई को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। यह प्रदर्शन ओबसी समुदाय को 42 फीसदी आरक्षण देने की मांग को लेकर होगा। इस संबंध में विधेयक राज्य विधानसभा में इस साल की शुरुआत में पारित किया गया था। 
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नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में के. कविता ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि ओबीसी को 42 फीसदी आरक्षण देने वाले विधेयक को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। तेलंगाना विधानसभा ने 17 मार्च को दो विधेयक पारित किए थे, जिनके जरिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को 23 से बढ़ाकर 42 फीसदी किया जाना था। यह आरक्षण शिक्षा संस्थानों, रोजगार और ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में लागू किया जाना था।

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ये दो विधेयक — तेलंगाना पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (शिक्षण संस्थानों में सीटों का आरक्षण और राज्य की सेवाओं में नियुक्तियों के लिए पदों का आरक्षण) विधेयक 2025 और तेलंगाना पिछड़ा वर्ग (ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में सीटों के आरक्षण) विधेयक 2025 — केंद्र सरकार की मंजूरी के अधीन हैं, क्योंकि प्रस्तावित आरक्षण 50 फीसदी की तय सीमा से अधिक है।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के कविता ने कहा, हम देखते हैं कि (कांग्रेस नेता) राहुल गांधी पूरे देश में ओबीसी की बात करते हैं। विधानसभा चुनावों के दौरान राहुल गांधी ने वादा किया था कि कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी को 42 फीसदी आरक्षण देगी। राज्य विधानसभा ने विधेयक पारित कर दिया है, लेकिन अब वह राष्ट्रपति के पास लंबित है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि इस विधेयक को शीघ्र मंजूरी दिलवाई जाए।
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उन्होंने कहा, विधेयक राष्ट्रपति के पास गया है... मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करती हूं, वह स्वयं ओबीसी समुदाय से आते हैं, कृपया सुनिश्चित करें कि यह विधेयक जल्द से जल्द वापस भेजा जाए। कविता ने कहा कि 'तमिलनाडु मॉडल' को अपनाया जा सकता है और यह कानून पारित होने के बाद संविधान की 9वीं अनुसूची में जोड़ा जाना चाहिए। संविधान की 9वीं अनुसूची में उन केंद्र और राज्य कानूनों की सूची होती है, जिन्हें न्यायालयों में चुनौती नहीं दी जा सकती। कविता ने कहा कि इस मुद्दे का स्थायी समाधान या तो संसद के एक कानून के माध्यम से हो सकता है या फिर संविधान में संशोधन कर इसे लागू किया जा सकता है।

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