मुख्य सचिव जेना ने जरूरत की घड़ी में दुर्घटना पीड़ितों को रक्तदान करने वाले स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'बालासोर में रात भर में पांच सौ यूनिट रक्त एकत्र किया गया। वर्तमान में स्टॉक में नौ सौ इकाइयां हैं। इससे दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में मदद मिलेगी। मैं व्यक्तिगत रूप से उन सभी स्वयंसेवकों का ऋणी और आभारी हूं जिन्होंने एक नेक काम के लिए रक्तदान किया है।
बालासोर में रेल हादसे के बाद वाली घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पतालों में लोग बड़ी संख्या में मदद के लिए पहुंच रहे हैं। इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश करते हुए इस कठिन समय में युवा अपना खून तक दान देने को तैयार हैं। रक्तदान के लिए बालासोर के अस्पताल में भीड़ उमड़ रही है।
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कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डॉक्टर जयंत पांडा ने बताया लोग रक्तदान के लिए बड़ी संख्या में आगे आ रहे हैं। कल रात से बालासोर, भद्रक और कटक में 3000 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। लेकिन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है, हमारी तरफ से घायलों को बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
रक्तदान के लिए आए लोग बोले- लोगों की हालत नाजुक, कई के हाथ-पैर नहीं
मुख्य सचिव जेना ने जरूरत की घड़ी में दुर्घटना पीड़ितों को रक्तदान करने वाले स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'बालासोर में रात भर में पांच सौ यूनिट रक्त एकत्र किया गया। वर्तमान में स्टॉक में नौ सौ इकाइयां हैं। इससे दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में मदद मिलेगी। मैं व्यक्तिगत रूप से उन सभी स्वयंसेवकों का ऋणी और आभारी हूं जिन्होंने एक नेक काम के लिए रक्तदान किया है।रक्तदान करने आए एक व्यक्ति ने कहा, "लोगों की स्थिति बहुत नाजुक है, कई लोग ऐसे हैं जिनके पैर-हाथ नहीं है। मैंने रक्तदान कर दिया जिससे किसी की जान बच सके और वे अपने घर जा सकें।" रक्तदान के लिए पहुंचे लोगों के अनुसार वे अपने खून का एक-एक कतरा देकर घायलों की जान बचाना चाहते हैं। हादसे के पीड़ितों की मदद के लिए वे कुछ भी करने को तैयार हैं।