अगर यही पैमाना लागू किया जाता तो खोखली हो जाती संसद
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दोषी ठहराए जाने और अयोग्य ठहराए जाने के फैसले के बारे में काफी कुछ कहा गया है, लेकिन यह कानून और संविधान में 'बहुत त्रुटिपूर्ण' है। अगर यही पैमाना लागू किया जाता तो शायद भारतीय संसद को खोखला कर दिया जाता। राजनीतिक दलों के अधिकांश प्रमुख नेता दशकों से संसद से बाहर रहे हों, ऐसा कभी नहीं हुआ है। शर्मा ने कहा, यह भारतीय न्यायपालिका के लिए भी अग्निपरीक्षा होगी।
कानून में त्रुटिपूर्ण फैसले को पलट दिया जाएगा
उन्होंने आगे कहा, मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि जो गलत है उसे ठीक कर लिया जाएगा। कानून में एक 'त्रुटिपूर्ण फैसले' को पलट दिया जाएगा। मैं कानून और संविधान के बारे में अपनी समझ यह बात कह रहा हूं। सरकारी आवास पर कब्जे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नियमों और विनियमों का उल्लंघन नहीं किया है। वह संसद द्वारा तय नियमों के अनुसार आवास में रहने के लिए किराया दे रहे हैं।
सूरत की अदालत ने मानहानि मामले में सुनाई दो साल की सजा
गांधी को मानहानि के एक मामले में सूरत की अदालत ने दोषी ठहराया था और उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद पूर्व कांग्रेस प्रमुख को संसद से भी अयोग्य घोषित कर दिया गया था। लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को 22 अप्रैल तक तुकलक रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने को कहा है।
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