लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को दावा किया कि उन्हें संसद में बोलने की कभी अनुमति नहीं दी जाती है। इसी बीच इंडिया ब्लॉक के कई नेताओं ने अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर कांग्रेस नेता को पिछले दिन सदन में बोलने का अवसर नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया। संसद भवन परिसर में सदन को गैर-लोकतांत्रिक तरीके से चलाए जाने के अपने आरोपों के बारे में पत्रकारों के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा, 'भाई मुझे कभी बोलने की अनुमति नहीं दी जाती...मुझे नहीं पता कि वे किस बात से डरे हुए हैं।'
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विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष से की शिकायत
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, केरल कांग्रेस, आरजेडी, आईयूएमएल, आरएलपी और एमडीएमके समेत कई दलों के नेताओं ने स्पीकर से मुलाकात की और इस मुद्दे पर अपनी सामूहिक चिंता और निराशा जाहिर की।
गौरव गोगोई ने कहा, 'बुधवार को स्पीकर ने राहुल गांधी का नाम लिया, लेकिन जब उन्होंने बोलने की कोशिश की, तो सदन स्थगित कर दिया गया। यह पूरी देश ने देखा।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की आईटी सेल इस मामले को गलत तरीके से प्रचारित कर रही है।
विपक्ष ने उठाया उपाध्यक्ष पद का मुद्दा
विपक्षी दलों ने लोकसभा में डिप्टी स्पीकर (उपाध्यक्ष) की नियुक्ति न होने का मुद्दा भी उठाया। विपक्ष ने कहा, 'संसद में परंपरा रही है कि जब विपक्ष का नेता खड़ा होता है, तो उसे बोलने दिया जाता है। लेकिन मौजूदा सरकार इस परंपरा को बार-बार तोड़ रही है।'
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लोकसभा अध्यक्ष की टिप्पणी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को राहुल गांधी से कहा था कि 'सदस्य सदन की गरिमा बनाए रखें और नियमों का पालन करें। इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि यह आरोप बेबुनियाद हैं।