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Rahul Gandhi: ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट में FRA 'उल्लंघन' पर राहुल चिंतित, जनजातीय मामलों के मंत्री को लिखा पत्र

Thu, 04 Sep 2025 04:08 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम को पत्र लिखा है। उन्होंने परियोजना को दी गई मंजूरी में वन अधिकार अधिनियम के कथित उल्लंघन पर चिंता जताई है।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम को पत्र लिखकर ग्रेट निकोबार परियोजना को दी गई मंजूरी में वन अधिकार अधिनियम (FRA) के कथित उल्लंघन पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि इस परियोजना को लेकर जनजातीय परिषद और स्थानीय समुदायों द्वारा उठाई गई चिंताओं की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी विकास योजना न्याय, समानता और मानवीय गरिमा के सम्मान के सांविधानिक मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। 

राहुल गांधी का आरोप- दबाव में ली गई एनओसी 
राहुल गांधी ने लिखा, 'ग्रेट निकोबार परियोजना को मंजूरी देने में वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन हुआ है। लिटिल निकोबार और ग्रेट निकोबार की जनजातीय परिषद ने बताया है कि निकोबारी और शोम्पेन समेत जनजातीय समुदायों से अधिनियम के तहत ठीक से सलाह-मशविरा नहीं किया गया।' उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूरी जानकारी दिए दबाव में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) ली गई और बाद में जब असली जानकारी सामने आई तो परिषद ने उसे वापस ले लिया।
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आदिवासी समुदाय को ये सता रहा डर
गांधी ने तीन सितंबर को लिखे अपने पत्र में कहा कि आदिवासी समुदाय 2004 की सुनामी के दौरान विस्थापित हो गए थे और अपनी पैतृक भूमि पर वापस नहीं लौट पाए। अब उन्हें डर है कि यह परियोजना उनकी जीवनशैली और अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बन जाएगी। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि जनजातीय परिषद और स्थानीय समुदायों की चिंताओं को गंभीरता से देखें और वन अधिकार अधिनियम का सही मायने में पालन सुनिश्चित करें।

जयराम रमेश भी परियोजना का लगातार कर रहे विरोध
कांग्रेस नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश भी इस परियोजना का लगातार विरोध कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि यह पारिस्थितिकी और क्षेत्र के वनवासियों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए हानिकारक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसे जबरन आगे बढ़ा रही है। 
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कांग्रेस सांसद टैगोर ने भी इस मुद्दे को लेकर पीएम मोदी को लिखा था पत्र
पिछले हफ्ते कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर निकोबारी जनजाति के सांविधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा की मांग की थी। टैगोर ने कहा था कि प्रशासन ने गलत दावा किया कि FRA के तहत अधिकार तय हो चुके हैं और इसी आधार पर 13,075 हेक्टेयर जंगल की जमीन को परियोजना के लिए साफ कर दिया गया। लेकिन जनजातीय परिषद ने इसे सीधे तौर पर खारिज कर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की थी कि इस प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा करवाई जाए, FRA के अधिकार पूरी तरह मान्य किए जाएं, जब तक कानून का पालन न हो प्रोजेक्ट रोका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

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