शिष्टाचार भेंट का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए करने संबंधी मनोहर परिकर के आरोप को खारिज करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री के साथ हुई कोई निजी बातचीत साझा नहीं की है बल्कि राफेल मामले से जुड़ीं वही बातें की हैं जो पहले से सार्वजनिक पटल पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनको इस अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण विवाद पर बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि पर्रिकर का पत्र मीडिया को लीक किया गया।
Congress President Rahul Gandhi writes to Goa CM Manohar Parrikar, writes "I have not shared any details of my conversation with you when we met in Goa yesterday. In my two speeches since we met, I have referred to what is already in the public domain."
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गांधी ने परिकर को लिखे जवाबी पत्र में कहा, 'परिकर जी, मैं यह सुनकर आहत हूं कि आपने मुझे कोई पत्र लिखा और इसे मुझे पढ़ने का मौका मिलने से पहले ही मीडिया में लीक कर दिया।' उन्होंने कहा, 'सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि मेरा आपके यहां दौरा पूरी तरह निजी था। निःसन्देह आपको यह याद होगा कि जब अमेरिका में आपका उपचार चल रहा था तब भी मैंने आपकी सेहत के बारे में जानने के लिए संपर्क किया था।'
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'बहरहाल, मैं एक जनप्रतिनिधि हूं। राफेल सौदे में एक भ्रष्ट प्रधानमंत्री की बेईमानी को लेकर उन पर हमला करना मेरा अधिकार है।' उन्होंने कहा, 'मैंने वही बातें कहीं हैं जो पहले से ही सार्वजनिक पटल पर हैं। मैंने हमारी मुलाकात के दौरान हुई बातचीत की कोई जानकारी साझा नहीं की है।' उन्होंने कहा कि उन्हें इस अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण विवाद पर बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि पत्र मीडिया को लीक किया गया।