पार्टी के प्रचार अभियान से जुड़े रणनीतिकारों का मानना है कि दो अप्रैल के बाद सोशल मीडिया से लेकर चुनाव मैदान तक में कांग्रेस की आक्रामक शैली का असर देखने को मिलेगा। नए नारे, नई सोच और मजबूत, विकसित भारत को केंद्र में रखकर पार्टी देश की जनता के बीच में जाएगी। आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान समेत अन्य पड़ोसी देश और विदेश नीति जैसे गंभीर विषय पर भी कांग्रेस बेबाकी से मोदी सरकार को चुनौती देकर भाजपा से कड़े मुकाबले की तैयारी में है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमर उजाला से साक्षात्कार के दौरान बताया कि उन्होंने देश के पांच करोड़ गरीबों को 72 हजार रुपये सालाना देने का आइडिया मोदी जी से लिया है। वह लोगों के खाते में 15 लाख नहीं दिए और कांग्रेस केंद्र में सरकार बनने पर खाते में 72 हजार रुपये डाल देगी। इसी तरह से प्रधानमंत्री की 56 इंच की छाती समेत तमाम उनके संबोधनों पर करारा प्रहार की तैयारी है।