कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉकडाउन के चलते गुजरात में फंसे आंध्र प्रदेश के सैकड़ों मछुआरों की स्थिति को लेकर चिंता प्रकट करते हुए शनिवार को सरकार से आग्रह किया कि वह इन लोगों की मदद करे। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया कि इन मछुआरों के पास पर्याप्त खाना और पानी नहीं है।
गांधी ने कहा, 'आंध्र प्रदेश के छह हजार से अधिक मछुआरे पिछले एक महीने से गुजरात में फंसे हैं। उन्हें उनकी नौकाओं पर रखा गया है जहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है और उनके लिए सीमित खाना और पानी है।' उन्होंने कहा, 'मैं सरकार से अपील करता हूं कि हमारे इन मछुआरे भाइयों को राहत शिविरों में भेजा जाए और उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाए।'
ये मछुआरे लॉकडाउन के बाद से ही नाव पर फंसे हुए हैं। सभी आंध्र प्रदेश के विजयानगरम और श्रीकुला जिलों में स्थित अलग-अलग गांवों से ताल्लुक रखते हैं। अपनी नावों में फंसे इन मछुआरों ने वीडियो जारी करके कहा है कि उनके पास खाने का पर्याप्त सामान नहीं हैं और उन्हें तनख्वाह भी नहीं दी जा रही है।
लगभग 6,000 मछुआरों को खराब स्वस्छता व्यवस्था में रहना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार ने अभी तक उन्हें राज्य द्वारा संचालित आश्रय गृहों में शिफ्ट नहीं किया है। यहां हमारे पास मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। अभी तक हमारे दो साथियों की मौत हो चुकी है।
आंध्र सरकार ने दी प्रतिक्रिया
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए आंध्र प्रदेश सरकार का कहना है कि वह मामले को देख रही है और मछुआरों की मदद करेगी। बुधवार को सरकार ने सभी छह हजार मछुआरों को दो-दो हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का फैसला किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी करके कहा वाईएस जगमोहन रेड्डी ने अपने गुजरात के समकक्ष विजय रुपाणी से बात की और उन्हें फंसे हुए मछुआरों को खाना और अन्य सुविधाएं देने का आग्रह किया। वहीं गुजरात सरकार का कहना है कि वह मछुआरों की अच्छी देखभाल कर रही है और वह राज्य में मछली पकड़ने की गतिविधि जारी रख सकते हैं।