राहुल गांधी ने कांग्रेस छोड़ दूसरी पार्टियों में जाने वाले नेताओं की घर वापसी के दरवाजे खोल दिए हैं। ऐसे नेताओं की खोज भी की जा रही है जिनसे पार्टी को मजबूती मिल सकती है। इसके लिए कांग्रेस कोशिशें तेज कर सियासी संदेश देना चाहती है।
राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद से कांग्रेस में नेताओं की वापसी शुरू हो गई है। पार्टी इसे अपने पक्ष में माहौल बनने के संकेत मानती है। राज्यों में पार्टी के भीतर मतभेद और गुटबाजी समाप्त करने की दिशा में दिल्ली फॉर्मूले के तहत हरियाणा व अन्य राज्यों के नेताओं को भी साथ बैठाने की रणनीति तैयार की गई है।
केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली के बाद अब हिरयाणा में भी पार्टी की अंदरूनी खींचतान को ठीक करना चाहता है। हरियाणा के सभी नेताओं से राहुल अलग-अलग बात कर चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर व हुड्डा परिवार के अलावा हिरयाणा में कुछ अन्य नेताओं की भी अपनी ढफली अपना राग है।