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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक बनाने पर राहुल गांधी हुए ट्रोल, भाजपा नेताओं का पलटवार

Fri, 09 Oct 2020 05:02 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • वैज्ञानिक ने बताया, हैदराबाद की कंपनी मैथ्री एक्वाटेक वायु की नमी से सफलतापूर्वक साफ पेयजल का कर रही उत्पादन
  • प्रधानमंत्री की चुटकी लेने पर भड़के पीयूष गोयल, कहा- राहुल बिना सच्चाई समझे करते हैं बात
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wind power - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाना कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारी पड़ गया है। उन्होंने हवा की नमी से साफ पीने का पानी बनाने के जिस आइडिया को लेकर प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाया था, पता चला है कि वह आइडिया साफ पानी बनाने के लिए लंबे समय से प्रयोग में लाया जा रहा है। विदेश की बात तो दूर, देश में ही हैदराबाद की कंपनी मैथ्री एक्वाटेक सफलतापूर्वक हवा की नमी से साफ पेयजल बनाकर बेच रही है। यह सच्चाई सामने आने के बाद अब सोशल मीडिया पर राहुल गांधी को लेकर ट्वीट किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा है कि राहुल गांधी सच्चाई जाने बिना बात करते हैं। उन्होंने पीएम की उस बात का मजाक उड़ाया है जिसका स्वागत एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का सीईओ कर रहा है।

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प्रधानमंत्री ने सुझाया 'थ्री इन वन' फॉर्मूला

एक कंपनी के सीईओ से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि पवन ऊर्जा के टरबाइन बिजली उत्पन्न करने का बेहतरीन काम करते हैं, लेकिन क्या इनकी क्षमता का उपयोग हवा की नमी को सोखकर पेयजल बनाने के लिए किया जा सकता है? क्योंकि टरबाइन जिन तटीय इलाकों में चलते हैं, वहां पेयजल की बड़ी समस्या होती है। अगर ऐसा हो सके तो ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी मदद की जा सकेगी।

साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या इन टरबाइन की क्षमता का उपयोग हवा से ऑक्सीजन अलग करने के लिए भी किया जा सकता है। अगर ऐसा किया जा सके तो यह टरबाइन से थ्री-इन-वन काम लिया जा सकेगा। इससे एक साथ एक ही टरबाइन से बिजली, साफ पानी और ऑक्सीजन पैदा की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस पर विचार किया जाना चाहिए। इस पर कंपनी के सीईओ ने प्रधानमंत्री मोदी के रचनात्मक विचार का स्वागत किया और कहा कि वे रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए बेहतर आइडिया देने वाले इंसान हैं।

राहुल गांधी ने क्या की टिप्पणी

इस सीईओ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत का दो मिनट 20 सेकंड का वीडियो ट्वीट कर शेयर करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि भारत के सामने वास्तविक खतरा यह नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री कुछ समझते नहीं हैं, लेकिन सच यह है कि उनके आसपास कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके अंदर उन्हें यह बताने का साहस हो। उनके इस ट्वीट को सोशल मीडिया पर खूब शेयर भी किया जा रहा है।

बिफर पड़े पीयूष गोयल

वहीं, प्रधानमंत्री की राहुल गांधी के द्वारा चुटकी लिए जाने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल बिफर पड़े। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आसपास कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है, जो उन्हें यह बता सके कि वे कुछ नहीं समझते हैं। प्रधानमंत्री के जिस विचार का दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी का सीईओ स्वागत कर रहा है, वे उसका मजाक उड़ा रहे हैं। अपनी बात रखते हुए पीयूष गोयल ने 2012 के एक समाचार का लिंक भी साझा किया है, जिसमें फ्रांस की एक कंपनी दावा कर रही है कि टरबाइन का इस्तेमाल अब तक केवल बिजली पैदा करने के लिए किया जाता था, लेकिन एक कंपनी ने इसके जरिए हवा में उपलब्ध नमी से पानी बनाने की क्षमता भी हासिल कर ली है।

वैज्ञानिकों ने कहा, पीएम का सुझाव गलत नहीं

शोध संस्था टेरी के वैज्ञानिक एसके सरकार ने अमर उजाला को बताया कि वायु की नमी से स्वच्छ पानी प्राप्त करने का विचार नया नहीं है। विदेश में लंबे समय से इस विचार पर काम हो रहा है और इसमें सफलता भी मिल चुकी है। भारत में भी हैदराबाद की एक कंपनी मैथ्री एक्वाटेक (Mathri Aquatch) तटीय क्षेत्र में वायु की नमी से स्वच्छ जल का शोधन कर रही है और यह व्यापारिक रूप से सफल भी हो चुकी है। इस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विचार पूरी तरह सच्चाई के धरातल पर आधारित है।

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क्या हवा से ऑक्सीजन निकालना भी संभव

एक अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि वायु में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन (21 फीसदी) होता है। ऐसे में हवा से ऑक्सीजन निकालना बहुत कठिन नहीं है, लेकिन अभी तक इसके बारे में कोई प्रयास नहीं किया गया है। अन्य माध्यमों से ऑक्सीजन प्राप्त करने का तरीका काफी सस्ता है, संभवतया इसीलिए इस पर अब तक काम नहीं किया गया है, लेकिन सैद्धांतिक तौर पर इस विचार पर काम किया जा सकता है और इसे संभव बनाया जा सकता है।

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