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इंडिया ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस: राहुल बोले- हम लोकतंत्र को करेंगे बहाल; तेजस्वी ने साधा मोदी-शाह पर निशाना

Tue, 13 Oct 2026 06:02 PM IST
देवेश त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जारी आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों को चाय पर चर्चा के लिए अपने आवास पर बुलाया। इस बैठक में तमाम नेताओं का आना शुरू हो चुका है।
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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के आवास पर इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन सफल रहा है और दिल्ली में पहली बार बड़ी संख्या में लोग जुटे। इसके बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा।
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वहीं, राहुल गांधी ने कहा, ''हम यहां एकजुट होकर खड़े हैं। यह अलग-अलग नहीं, एक ही आंदोलन है। यह लोकतंत्र को फिर से बहाल करने वाला आंदोलन है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ही हमारा लक्ष्य है। इस देश में लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को बर्बाद कर दिया गया है।''

बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने जनता के मुद्दों को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ उठाया। इतनी बड़ी संख्या में लोग बहुत कम ही जुटते हैं। दिल्ली में यह पहली बार है, जब युवा और आम नागरिक पूरी तरह अपनी पहल पर एकजुट होकर सामने आए हैं। आपने यह सब देखा है, इसलिए मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। अब हर कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वोट चोरी की योजना को पूरी तरह उजागर करने के लिए तैयार है।"

तेजस्वी यादव बोले- मोदी-शाह के इशारे पर सीईसी ने लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया है। हम सभी लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हैं। इसके लिए जो कुर्बानी देनी होगी हम सभी देंगे। यह गांधी जी, लोहिया जी, भगत सिंह का देश है। ये लोग इस देश की संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक करने का प्रयास कर रहे हैं... ये डरे हुए लोग हैं... हम सभी लोग आगे इस लड़ाई को जारी रखेंगे।''

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सुप्रिया सुले बोलीं- इंडिया ब्लॉक है एकजुट
एनसीपी-एससीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "इंडिया ब्लॉक पूरी ताकत के साथ एकजुट हैं। हमारा संघर्ष जारी रहेगा, क्योंकि इस देश में संविधान को कमजोर किया गया है और वह फिलहाल खतरे में है। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा संविधान के माध्यम से सभी भारतीयों को दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।"

सुले ने कहा, "एक व्यक्ति, जो एक सरकार का प्रतिनिधित्व करता है, इन अधिकारों को कुचलने की कोशिश करके गंभीर गलती कर रहा है। इस अन्याय और दमन के खिलाफ लड़ने के लिए हम पूरी ताकत के साथ एकजुट हैं। हमारा आंदोलन दिल्ली से लेकर जमीनी स्तर तक जारी रहेगा।" इंडिया ब्लॉक के 'चलो दिल्ली' मार्च के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को चाय पर बैठक के लिए अपने आवास पर आमंत्रित किया है। राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं का जुटान शुरू हो चुका है। 

राहुल गांधी के आवास पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सीपीआईएम सांसद जॉन ब्रिटास, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा समेत कई नेता पहुंच चुके हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के आवास पर चाय पर बैठक शुरू हो चुकी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा विपक्ष का प्रदर्शन
हाई-टी मीटिंग को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।" समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "लोकतंत्र खतरे में है। सरकार और चुनाव आयोग लोगों से उनके वोट का अधिकार छीनने पर आमादा हैं। इसी वजह से यहां लगातार संघर्ष चल रहा है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।"

समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा, "राहुल गांधी ने हमें बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, इसलिए हम यहां आए हैं। यह जनता से जुड़ा मुद्दा है और हम इसी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हम यह लड़ाई जनता के लिए लड़ रहे हैं। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते और चुनाव आयोग की व्यवस्था में बदलाव नहीं होता, तब तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।"

राहुल गांधी ने इस चाय पार्टी को लेकर एक्स पर कहा था, ''चाय के बाद हम सभी एक साथ मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे। सभी प्रदर्शन एक ही आंदोलन का हिस्सा हैं।''

सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के बाद विपक्ष की बैठक
राहुल गांधी के नेतृत्व में सोमवार को इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला था। इसके बाद विपक्ष के 11 नेताओं ने निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर के दौरान लिए गए फैसलों और उन्हें लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में बताईं 14 खामियां
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और इंडिया ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं की याचिका में 14 खामियां बताई हैं। यह याचिका निर्वाचन आयोग की ओर से जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़े कुछ पहलुओं को चुनौती देती है।

याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत, माकपा सांसद एमए बेबी, भाकपा नेता डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी, एनसीपी (एससीपी) की सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाने पर स्पष्टीकरण मांगा
रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों एसएस संधू तथा विवेक जोशी को याचिका में प्रतिवादी क्यों बनाया है। यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल याचिका के संदर्भ में उठाई गई है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल में कथित अनियमितताओं को लेकर वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने अन्य राहतों के साथ यह भी मांग की है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसले लेने और उन्हें लागू करने के तरीके की जांच की जाए।
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