बिहार विधानसभा के भीतर विपक्षी विधायकों के साथ पुलिस की कथित मारपीट को कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा, लोकतंत्र को तोड़ने वालों को खुद को सरकार कहने का कोई अधिकार नहीं है।
बिहार विधानसभा में शर्मनाक घटना से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा और आरएसएस के प्रभाव में हैं। विपक्ष जनहित के मुद्दों को उठाना जारी रखेगा। हम डरने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, बिहार में लोकतंत्र की हत्या की गई और अगर देश के लोग अब भी अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा। संसदीय परंपराओं से समझौता किया जा रहा है और अगर यह लंबे समय तक चला तो विधानसभा तबाह हो जाएंगी। तब देश कैसे चलेगा।
विपक्षी विधायक विधानसभा में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बिल का विरोध कर रहे थे, जो पुलिस को किसी को भी जेल में डालने की शक्ति देता है। अगर जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और जनता की आवाज को ऐसे ही कुचला जाएगा तो देश और संविधान नहीं बचेगा।
विपक्षी दलों ने विधायकों पर हमले की निंदा की
इस बीच, राजद, सपा, आम आदमी पार्टी, डीएमके, टीआरएस, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना ने बिहार विधानसभा में हुई घटना की निंदा की है।
विपक्षी दलों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा, यह एक असांविधानिक विधेयक है, जो सत्ता के खिलाफ बोलने वाले शिक्षाविदों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों को पुलिस द्वारा परेशान करने, दबाने और कुचलने के लिए लाया गया है। यह बिहार में पुलिस राज लागू करने के लिए एक कपटी षड्यंत्र है। यह दिखाता है कि भाजपा देश में सत्ता के लालच में क्या क्या लागू करना चाहती है।