नोटबंदी पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि नोटबंदी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कालाधन बेकार हो गया, इसी की वजह से राहुल निराश हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा 'कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के पुरखों ने पैसा लूट-लूट कर रखा था, जीप स्कैम से अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम से बनाए गए सारे पैसे नोटबंदी के बाद कागज बन गए।'
उन्होंने आगे कहा 'राहुल गांधी 15 उद्योगपतियों का नाम ले रहे है। उनमें से कोई एक उद्योगपति बता दीजिए जो 2014 के बाद अमीर बना हो? रोज-रोज घिसी पिटी बात करने से कुछ नहीं बदलता। सच तो ये है कि हमारी सरकार ने कालेधन के लिए एसआईटी बनाई, कांग्रेस इससे बचती रही। कांग्रेस की वजह से बैंकों का देश का एनपीए बढ़ा, फोन पर बिना किसी सिक्यॉरिटी के बांटे गए हजारों करोड़ के लोन दिए गए।'
पात्रा ने कहा कि नोटबंदी के दौरान ही सर्वाधिक नक्सलियों का समर्पण हुआ और राहुल नोटबंदी को ही गलत बता रहे हैं। नोटबंदी के बाद 3 लाख फर्जी कंपनियां बंद हो गईं क्या ये सरकार की उपलब्धि नहीं है।
बता दें कि राहुल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नोटबंदी पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का मुख्य एजेंडा काला धन वापस लाना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नोटबंदी का फायदा भाजपा ने अपने निजी आर्थिक हित के लिए किया। इसके जरिए भाजपा ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाया। और गरीबों का पैसा अमीरों को बांटा गया है। दरअसल नोटबंदी एक घोटाला है। जिसमें 15-20 उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया है।'
राहुल ने पीएम मोदी को आड़े हाथों लेते हुए यहां तक कहा कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था बिगाड़ दी और अरुण जेटली लंबे-लंबे ब्लॉग लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी कोई गलती नहीं बल्कि भाजपा शासन की जानबूझकर की गई साजिश है। इसके बाद राहुल अंबानी की तरफ बढ़े और उन्होंने कहा कि राफेल पर उनकी पीएम मोदी से क्या डील हुई, ये पूरा देश जानना चाहता है।
उन्होंने फिर दोहराया कि अंनिल अंबानी को ही राफेल का ठेका क्यों दिया गया। 500 करोड़ का विमान 1600 करोड़ में क्यों खरीदा गया। जब इतना सब हुआ तो राफेल सौदे पर जेपीसी जांच क्यों नहीं होनी चाहिए। याद दिला दें कि आज ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राहुल की इस मांग पर चुटकी ली थी। उन्होंने जेपीसी को झूठी पार्टी कांग्रेस की संज्ञा दी थी।