Doctor Death Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के सतारा में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाली महिला डॉक्टर के परिवार से बात की और न्याय दिलाने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। परिवार ने डॉक्टर की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की मौत के बाद उनके मोबाइल फोन से अहम सबूत मिटाए गए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को महाराष्ट्र के सतारा जिले में आत्महत्या करने वाली महिला डॉक्टर के परिवार से फोन पर बात की। कांग्रेस नेता ने उन्हें न्याय दिलाने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
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डॉक्टरों के परिजनों ने कांग्रेस सांसद से आग्रह किया कि वह सरकार दबाव डालें, ताकि उनकी मौत की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की जा सके। परिवार ने कहा कि डॉक्टर की मौत को एक सप्ताह बीत चुका है और उन्हें सबूत नष्ट किए जाने का डर है।
कांग्रेस नेता ने दिया सरकार पर दबाव डालने का आश्वासन
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल के फोन से डॉक्टर के माता-पिता और भाई-बहनों से बात की। सपकाल उस समय बीड जिले कवडगांव में परिवार से मिलने गए थे। कांग्रेस नेता ने परिवार को आश्वासन दिया कि वह सरकार पर दबाव डालेंगे ताकि महिला डॉक्टर की मौत की जांच के लिए एसआईटी बनाई जा सके।
पूरा मामला क्या हुआ?
डॉक्टर (28 वर्षीय) 23 अक्तूबर की रात सतारा जिले के फलटण कस्बे के एक होटल के कमरे में फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि डॉक्टर ने आत्महत्या की। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर के हाथ पर लिखे नोट में उसने आरोप लगाया था कि पुलिस उप-निरीक्षक गोपाल बदाणे ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर ने उसे मानसिक रूप से परेशान किया।
दो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को 25 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि होटल के कमरे में जबरन प्रवेश का कोई सबूत नहीं था, जिससे यह साफ हुआ कि घटना के समय वहां कोई और मौजूद नहीं था।
परिजनों ने लगाया मोबाइल फोन डाटा हटाने का आरोप
डॉक्टर के परिजनों का आरोप है कि उनकी मौत के बाद मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डाटा मिटा दिया गया। उन्होंने एसआईटी गठित करने की मांग की है। डॉक्टर के चाचा ने दावा किया कि उनकी मौत के बाद फोन को उनके फिंगरप्रिंट से अनलॉक किया गया, जिसके बाद घटना से जुड़ी 'महत्वपूर्ण जानकारी' हटा दी गई।बीड जिले के वडवाणी कस्बे के लोगों ने मंगलवार को बंद रखा और डॉक्टर की संदिग्ध आत्महत्या की जांच एसआईटी से कराने की मांग की।