वहीं दूसरे ग्राफिक्स में दिखाया गया है कि भाजपा के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा डिनोटिफिकेशन घोटाले में जेल जा चुके हैं। विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा ऑपरेशन कमला भगवा पार्टी के शासन के दौरान ही सामने आया।
भाजपा कैशलेस भ्रष्टाचार में माहिर है। वह चेक से घूस लेती है। उसके राज्य में मंत्री रहे कृष्णैया शेट्टी जमीन कब्जाने के आरोप में जेल गए। वहीं रेड्डी बंधुओं ने भी 35,000 करोड़ के खनन घोटाले में जेल की हवा खाई। ग्राफिक्स में पूछा गया है, कौन बेहतर है? कांग्रेस का 2013-18 का शासन या भाजपा की 2008-13 तक की सरकार। आंकड़े खुद बोल रहे हैं।
एक अन्य ग्राफिक्स में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के शासनकाल में 53 लाख नौकरियों का सृजन हुआ, वहीं भाजपा के शासन के समय 26.64 लाख नौकरियां ही दी गईं। कांग्रेस ने जहां किसानों को 12,000 करोड़ रुपये का कर्ज दिया वहीं 42.3 किलोमीटर का ‘नम्मा मेट्रो’ का काम पूरा किया। वहीं भाजपा ने सिर्फ 6,560 करोड़ रुपये का कर्ज दिया, जबकि 6.7 किमी मेट्रो का निर्माण किया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बैंकों में जमा 90 फीसदी पैसा 15 अमीर उद्योगपतियों को दे दिया गया। राहुल ने कपड़ा उद्योग में काम करने वाली महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान कहा, वो सब ले जाते हैं। छोटे और मझोले उद्योगों को कुछ नहीं मिलता।
नीरव मोदी ने किसी को नौकरी नहीं दी। उसने 35,000 करोड़ रुपये लिए और देश छोड़कर भाग गया। यह पैसा आपके जैसे छोटे उद्योग करने वालों को दिया जा सकता था। आपकी फैक्टरी से हजारों लोगों को काम मिलता है। रेड्डी बंधुओं ने भी 35,000 करोड़ चुरा लिए। इससे आप कुछ और हजार नौकरियां पैदा कर सकते थे।