कांग्रेस सासंद और लोकसभा में नेता के विपक्ष राहुल गांधी ने मनरेगा का नाम बदले जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा कि, मोदी जी को दो चीजों से पक्की नफरत है, महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से। कई विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में VB-G RAM G बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह बिल मनरेगा की जगह लेने वाला है। इस लेकर विपक्ष का सरकार के साथ टकराव जारी है। उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर महात्मा गांधी का "अपमान" करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, मोदी जी को दो चीज़ों से पक्की नफरत है...महात्मा गांधी के विचारों से और गरीबों के अधिकारों से। मनरेगा, महात्मा गांधी के ग्राम-स्वराज के सपने का जीवंत रूप है - करोड़ों ग्रामीणों की जिदगी का सहारा है, जो कोविड काल में उनका आर्थिक सुरक्षा कवच भी साबित हुआ।
राहुल ने आगे लिखा, मगर, प्रधानमंत्री मोदी को यह योजना हमेशा खटकती रही, और पिछले दस वर्षों से इसे कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं। आज वो मनरेगा का नामो-निशान मिटाने पर आमादा है। मनरेगा की बुनियाद तीन मूल विचारों पर थी:
1. रोज़गार का अधिकार - जो भी काम मांगेगा, उसे काम मिलेगा।
2. गांव को प्रगति कार्य खुद तय करने की स्वतंत्रता।
3. केंद्र सरकार मजदूरी का पूरा खर्च और समान की लागत का 75% देगी।
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कांग्रेस नेता आगे लिखा, अब प्रधानमंत्री मोदी इसी मनरेगा को बदलकर सारी ताकत सिर्फ़ अपने हाथों में केंद्रित करना चाहते हैं। बजट, योजनाएं और नियम केंद्र तय करेगा, राज्यों को 40% खर्च उठाने के लिए मजबूर किया जाएगा। बजट खत्म होते ही या फसल कटाई के मौसम में दो महीने तक किसी को काम नहीं मिलेगा
यह नया बिल महात्मा गांधी के आदर्शों का अपमान है, मोदी सरकार ने पहले ही भयंकर बेरोजगारी से भारत के युवाओं का भविष्य तबाह कर दिया है, और अब ये बिल ग्रामीण गरीबों की सुरक्षित रोजी-रोटी को भी खत्म करने का जरिया है। हम इस जनविरोधी बिल का गांव की गलियों से संसद तक विरोध करेंगे।